सोशल संवाद / डेस्क : पूर्वी सिंहभूम जिले में प्रस्तावित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्तावित 99.256 हेक्टेयर वनभूमि का स्थल निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही क्षतिपूरक वनीकरण के लिए चिह्नित जमीन का भी निरीक्षण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद वनभूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।
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केंद्र सरकार ने रांची के क्षेत्रीय कार्यालय को सौंपी जिम्मेदारी
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन संरक्षण प्रभाग की ओर से 2 नवंबर 2026 को जारी पत्र में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के लिए वनभूमि डायवर्जन प्रस्ताव का उल्लेख किया गया है।
यह प्रस्ताव भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पक्ष में तैयार किया गया है। झारखंड सरकार ने 9 अक्टूबर 2026 को वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम, 1980 की धारा 2 के तहत केंद्र सरकार से पूर्व स्वीकृति देने का अनुरोध किया था।
अब मंत्रालय ने रांची स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय के उप वन महानिरीक्षक (केंद्रीय) को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके तहत प्रस्तावित वनभूमि का स्थल निरीक्षण कर उसकी स्थिति और संबंधित पहलुओं की जांच की जाएगी।
क्षतिपूरक वनीकरण की जमीन का भी होगा निरीक्षण
एयरपोर्ट निर्माण के लिए वनभूमि के उपयोग से जुड़े प्रस्ताव में केवल परियोजना स्थल की जांच ही नहीं होगी, बल्कि क्षतिपूरक वनीकरण के लिए चिह्नित जमीन का भी निरीक्षण किया जाएगा। क्षतिपूरक वनीकरण का उद्देश्य वनभूमि के दूसरे उपयोग के कारण होने वाली वन क्षति की भरपाई के लिए निर्धारित जमीन पर पौधरोपण और वन विकास की व्यवस्था करना है।
मंत्रालय ने दोनों स्थलों का निरीक्षण पूरा करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर वनभूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव पर आगे विचार किया जाएगा।
लंबे समय से प्रस्तावित है धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना
पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ में एयरपोर्ट बनाने की योजना लंबे समय से प्रस्तावित है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जमीन, वन विभाग और पर्यावरण से जुड़ी विभिन्न औपचारिकताओं पर काम किया जा रहा है। ताजा निर्देश से वनभूमि डायवर्जन प्रस्ताव की जांच का एक और चरण आगे बढ़ा है। हालांकि, अभी स्थल निरीक्षण और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है।
क्या अब एयरपोर्ट निर्माण को मिलेगी मंजूरी?
केंद्र सरकार के ताजा निर्देश को धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना की प्रशासनिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। लेकिन इसे एयरपोर्ट निर्माण की अंतिम मंजूरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
फिलहाल मंत्रालय ने 99.256 हेक्टेयर प्रस्तावित वनभूमि और क्षतिपूरक वनीकरण के लिए चिह्नित जमीन का निरीक्षण करने को कहा है। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद ही वनभूमि हस्तांतरण प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में अगली प्रगति अब स्थल निरीक्षण, रिपोर्ट और संबंधित स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।











