सोशल संवाद/डेस्क : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले Dharmendra ने 89 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। लंबे समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे Dharmendra का सोमवार सुबह निधन हो गया। उनके जाने की खबर ने पूरे फिल्म जगत, देओल परिवार और देशभर के करोड़ों प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया।सोशल मीडिया पर फ़िल्ममेकर करण जौहर ने एक भावुक पोस्ट साझा कर उनके निधन की आधिकारिक जानकारी दी और लिखा कि हिंदी सिनेमा ने आज अपना एक बेशकीमती सितारा खो दिया।
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पंजाब के छोटे से कस्बे से बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ तक धर्मेंद्र की जीवन यात्रा
Dharmendra का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के नसराली गांव में हुआ। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे Dharmendra का बचपन बेहद सादगी में बीता। स्कूल और कॉलेज के दौरान उन्हें फ़िल्में देखने का खास शौक था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल होंगे।

उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने फ़िल्मफेयर टैलेंट हंट कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और जीत हासिल की। यह जीत उनकी किस्मत का दरवाज़ा खोल चुकी थी। फ़िल्म इंडस्ट्री में उनकी एंट्री हुई और 1960 में आई फ़िल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा।
सत्तर और अस्सी का दशक स्टारडम की चोटी पर Dharmendra
60 के दशक से ही Dharmendra के अभिनय को सराहा जाने लगा था, लेकिन 70 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल रहा।एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और फैमिली ड्रामा Dharmendra हर किरदार में ढल जाते थे।
उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं
- शोले (जय का किरदार जिसने उन्हें अमर कर दिया)
- सीता और गीता
- चुपके चुपके
- यादों की बारात
- राम बलराम
- शराबी
- धरम वीर
- प्रतिज्ञा
- राजा जानी
विशेष रूप से शोले और चुपके चुपके जैसी फिल्में हिंदी सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर हैं।
‘ही-मैन’ का उपनाम उन्हें उनके एक्शन स्टारडम और दमदार बॉडी लैंग्वेज की वजह से मिला।
Dharmendra और हेमा मालिनी सिनेमा की सदाबहार जोड़ी
फिल्मों ने उन्हें केवल शोहरत ही नहीं दी, बल्कि जीवन साथी भी दिया। हेमा मालिनी के साथ उनकी जोड़ी पर्दे पर और असल जिंदगी में भी सुपरहिट साबित हुई।

दोनों ने साथ में कई सफल फिल्में कीं
- ड्रीम गर्ल
- शोले
- जुगनू
- प्रतिज्ञा
- राजा जानी
फैंस उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे आइकॉनिक जोड़ियों में गिनते हैं।
देओल परिवार अभिनय की विरासत
Dharmendra की विरासत आज भी बॉलीवुड में चमक रही है। उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल फिल्म जगत के लोकप्रिय चेहरे हैं। नाती करण देओल ने भी फ़िल्मों में कदम रखा। Dharmendra ने अपने परिवार को हमेशा एकजुट रखा और देओल परिवार की सरल और जमीन से जुड़े स्वभाव की वजह भी वही थे।
राजनीति और सामाजिक जीवन
फिल्मों के अलावा Dharmendra ने राजनीति में भी कदम रखा और 2004 में भाजपा की टिकट पर राजस्थान के बीकानेर से सांसद चुने गए। हालाँकि, राजनीति में रहते हुए भी वे अपनी मूल पहचान एक अभिनेता से कभी दूर नहीं हुए।
अंतिम दिनों तक सक्रिय रहे ‘धरम पा जी’
उम्र बढ़ने के बावजूद Dharmendra ने खुद को सक्रिय रखा। वे स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पिछले कुछ समय से अस्पताल में भर्ती थे और बाद में घर पर ही इलाज ले रहे थे।उनकी अंतिम सोशल मीडिया पोस्ट्स में भी वही पुरानी गर्मजोशी और सादगी झलकती थी, जिसके वे जाने जाते थे।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
Dharmendra के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलियों की बाढ़ आ गई। अमिताभ बच्चन, सनी और बॉबी देओल, हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा, सलमान खान, अजय देवगन, अक्षय कुमार सभी ने उन्हें एक लेजेंड, एक बड़े इंसान और एक अद्वितीय कलाकार बताया। करण जौहर ने लिखा“Dharmendra जी ने हमें प्यार, अनुशासन और सादगी की सीख दी। यह नुकसान बहुत गहरा है।”
Dharmendra एक सितारा जो कभी बुझ नहीं सकता
बतौर अभिनेता, फैमिली मैन और इंसान Dharmendra ने करोड़ों दिलों में अमिट छाप छोड़ी।उनकी मुस्कान, उनका अंदाज़ और उनका सिनेमा आने वाली पीढ़ियों तक याद किया जाएगा। भारतीय सिनेमा ने आज अपना असली ‘हीरो’, अपना ‘ही-मैन’ खो दिया, लेकिन Dharmendra हमेशा ज़िंदा रहेंगे, अपनी फिल्मों में, अपनी कहानियों में और दर्शकों की यादों में।










