सोशल संवाद / डेस्क : भारत में डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर ठगी का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने “Digital Lutera” नाम के नए मालवेयर को लेकर चेतावनी जारी की है, जो UPI यूजर्स के बैंक खातों को निशाना बना सकता है।

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रिपोर्ट के अनुसार यह एक खतरनाक फ्रॉड टूलकिट है, जिसके जरिए साइबर अपराधी मोबाइल फोन की सुरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर UPI अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।

क्या है ‘Digital Lutera’ मालवेयर?
‘Digital Lutera’ एक ऐसा मालवेयर टूल है जो एंड्रॉयड फोन को टारगेट करता है। यह आमतौर पर APK फाइल्स के जरिए फोन में इंस्टॉल होता है और बैकग्राउंड में काम करता रहता है।
जब यूजर अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड करता है और उसे SMS पढ़ने-लिखने की अनुमति दे देता है, तब यह मालवेयर बैंक से आने वाले OTP और वेरिफिकेशन मैसेज को एक्सेस कर सकता है। इसके बाद हैकर्स यूजर के UPI अकाउंट से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
Telegram ग्रुप्स में फैल रहा है यह टूल
साइबर इंटेलिजेंस कंपनी CloudSEK के अनुसार Telegram पर कम से कम 20 से ज्यादा ग्रुप्स ऐसे मिले हैं जहां इस टूलकिट को साझा किया जा रहा है और इसके जरिए ऑनलाइन ठगी की योजना बनाई जा रही है।
NPCI ने दी सफाई
UPI सिस्टम चलाने वाली संस्था NPCI (National Payments Corporation of India) ने कहा है कि UPI में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है और ऐसे खतरों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ऐसे रखें अपना UPI अकाउंट सुरक्षित
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सावधानियां अपनाकर इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सकता है:
- केवल Google Play Store या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें।
- किसी भी अज्ञात लिंक से APK फाइल डाउनलोड न करें।
- फोन में Google Play Protect और सिक्योरिटी अपडेट चालू रखें।
- किसी भी ऐप को SMS या बैंक से जुड़े अनावश्यक परमिशन न दें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत बैंक या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
डिजिटल पेमेंट के इस दौर में सुविधा के साथ-साथ सतर्क रहना भी जरूरी है। ‘Digital Lutera’ जैसे मालवेयर यह दिखाते हैं कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके खोज रहे हैं। इसलिए सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल और सतर्कता ही UPI फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।









