सोशल संवाद / रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अब बिना अनुमति बोरवेल (Borewell) की खुदाई नहीं कराई जा सकेगी। भूजल दोहन पर नियंत्रण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रांची नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शहर में बोरवेल खुदवाने से पहले नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए आवेदकों को ₹5000 शुल्क भी जमा करना होगा।
यह भी पढे : झारखंड में 8 लाख राशन कार्ड हो सकते हैं रद्द, खाद्य आपूर्ति विभाग ने शुरू किया सत्यापन अभियान
नई व्यवस्था के अनुसार, बोरवेल खुदाई से पहले संबंधित व्यक्ति को नगर निगम में आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही एनओसी जारी की जाएगी। बिना अनुमति बोरवेल कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
भूजल संरक्षण पर निगम का फोकस
नगर निगम का मानना है कि शहर में लगातार बढ़ रहे भूजल दोहन के कारण जल स्तर प्रभावित हो रहा है। ऐसे में बोरवेल की संख्या और उपयोग पर निगरानी रखना जरूरी हो गया है। नई व्यवस्था से भूजल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और संरक्षण में मदद मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से होगा आवेदन
जानकारी के अनुसार, नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे। एनओसी जारी होने के बाद ही बोरवेल की खुदाई की अनुमति मिलेगी। नगर निगम ने लोगों से नियमों का पालन करने और जल संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति बोरवेल खुदवाने या नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य शहर में भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकना और भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है।









