सोशल संवाद / सरायकेला-खरसावाँ: राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “नशा मुक्त झारखंड” अभियान के तहत जिले में जनजागरूकता कार्यक्रमों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिले के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को तंबाकू, गुटखा, शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

पंचायतों में नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया गया जागरूकता संदेश
जिला स्वास्थ्य समिति, सरायकेला-खरसावाँ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के तहत नयागढ़, राजगांव और इटाकुदर पंचायतों में कलाकारों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई।
कलाकारों ने बताया कि तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार, समाज और आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर डालता है।
नशे की लत से बढ़ती हैं कई सामाजिक समस्याएं
नुक्कड़ नाटक में जीवंत अभिनय के माध्यम से यह दर्शाया गया कि नशे की लत व्यक्ति को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल सकती है। साथ ही इसके कारण पारिवारिक तनाव, आर्थिक संकट और सामाजिक अपराध जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं।
कार्यक्रम में लोगों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए नशे से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
युवाओं और बच्चों को किया गया विशेष रूप से जागरूक
जागरूकता अभियान के दौरान बच्चों और युवाओं को नशे के प्रति सतर्क रहने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की गई। कलाकारों ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
10 जून से चल रहा है “नशा मुक्त झारखंड” अभियान
गौरतलब है कि राज्यभर में 10 जून से 26 जून 2026 तक “नशा मुक्त झारखंड” अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 26 मई से 26 जून 2026 तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में कम से कम दो नुक्कड़ नाटक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत लगातार जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
जिला स्वास्थ्य समिति की अपील
जिला स्वास्थ्य समिति ने जिलेवासियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। समिति का कहना है कि सामूहिक प्रयासों और जनजागरूकता के माध्यम से ही आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है।
निष्कर्ष
सरायकेला-खरसावाँ में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से चलाया गया यह जागरूकता अभियान नशामुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। जनभागीदारी और जागरूकता के जरिए जिले में स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक सामाजिक वातावरण तैयार करने की कोशिश लगातार जारी है।










