सोशल संवाद / जमशेदपुर : राज्य सरकार के निर्देशों के तहत जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय छात्राओं को आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय में जल्द ही स्किल डेवलपमेंट आधारित नए कोर्स शुरू – किए जाएंगे। छात्राओं को ड्रोन ऑपरेशन का – विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए डीजीसीए से विश्वविद्यालय की बातचीत जारी है और राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी के साथ एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

यह भी पढ़े : एग्रिको दुर्गा पूजा पंडाल का भूमि पूजन संपन्न, 15 लाख के बजट से होगा भव्य निर्माण
कुलपति प्रो. इला कुमार ने बताया कि ड्रोन ट्रेनिंग के अलावा विश्वविद्यालय भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से ‘इसरो स्पेस किड्स’ कार्यक्रम भी शुरू करने जा रहा है। स्पेस किड्स इंडिया नामक एजेंसी ने विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान, इसरो के कामकाज और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारियां और तकनीकी टिप्स विशेषज्ञों से मिलेंगे। प्रो. इला कुमार ने बताया कि इन तकनीकी कार्यक्रमों के साथ-साथ महिला विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस और जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की नियमित पढ़ाई भी शुरू की जाएगी।
राज्य सरकार की मंशा है कि झारखंड की बेटियां उच्च शिक्षा के साथ तकनीकी रूप से भी दक्ष बनें, ताकि डिग्री पूरी करने के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। ये सभी स्किल डेवलपमेंट कोर्स विश्वविद्यालय के पारंपरिक एकेडमिक कोर्स से अलग होंगे। किसी भी विषय की पढ़ाई कर रहीं छात्राएं अपनी रुचि के अनुसार इनमें पंजीकरण करा सकेंगी। इनकी कक्षाएं नियमित कक्षाओं के बाद सुबह या शाम के सत्र में संचालित होंगी।
विशेष कोर्स के लिए फी फिक्सेशन कमेटी का होगा गठन
इन विशेष कोर्स के लिए फीस तय करने को फी फिक्सेशन कमेटी का गठन किया जा रहा है। कमेटी इन पाठ्यक्रमों की फीस संरचना तय करेगी। विश्वविद्यालय के इस प्रयास से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और आधुनिक जरूरतों के अनुरूप अपनी स्किल मजबूत करने का अवसर मिलेगा।









