फ्लाईदुबई में को-पायलट का हमला, कैप्टन स्मित बोले- तुम इस तरह नहीं मर सकते

By Tamishree Mukherjee

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कैप्टन स्मित मच्छार

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सोशल संवाद / डेस्क : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में कथित तौर पर को-पायलट के हमले का सामना करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अपने खौफनाक अनुभव को याद किया है। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान एक ऐसा पल आया, जब उन्हें लगा कि अब खुद को बचाने के लिए कुछ करना होगा। उस समय उन्होंने खुद से कहा, ‘स्मित, कुछ करो। तुम इस तरह नहीं मर सकते।’

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‘स्काई न्यूज अरबिया’ की ओर से जारी इंटरव्यू के टीजर में कैप्टन स्मित ने उस मुश्किल घड़ी के बारे में बताया, जब कॉकपिट के अंदर हालात बेकाबू हो गए थे। उनके मुताबिक, वह उस घटना से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संकट के समय विमान का नियंत्रण संभालने वाले साथी पायलट की भी सराहना की।

‘स्मित, कुछ करो, तुम इस तरह नहीं मर सकते’

इंटरव्यू के दौरान जब कैप्टन स्मित मच्छार से पूछा गया कि क्या घटना के दौरान कभी उन्हें लगा कि वह जीवित नहीं बच पाएंगे, तो उन्होंने उस पल को याद किया।

उन्होंने कहा, “मैं अब इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन हां, एक ऐसा पल आया था, जब मुझे एहसास हुआ और मैंने खुद से कहा- स्मित, कुछ करो। तुम इस तरह नहीं मर सकते।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं था कि उन्होंने अपनी मौत मान ली थी। बल्कि, उस समय उन्हें लगा कि हालात से निकलने के लिए उन्हें कुछ करना होगा। उनके इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कॉकपिट के अंदर उस समय स्थिति कितनी गंभीर हो गई थी।

कॉकपिट का दरवाजा खुला तो चारों तरफ मची थी अफरा-तफरी

कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद के दृश्य को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वहां अफरा-तफरी का माहौल था और लोग चीख-चिल्ला रहे थे।

उन्होंने कहा कि उन्हें याद है कि वह मुंह के बल गिरे हुए थे और आसपास काफी अव्यवस्था थी। इस घटना के दौरान विमान में मौजूद लोगों के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही। इसके बावजूद विमान को सुरक्षित रखने और यात्रियों की जान बचाने के लिए उठाए गए कदम महत्वपूर्ण साबित हुए।

संकट में साथी पायलट ने संभाला विमान का नियंत्रण

कैप्टन स्मित मच्छार ने संकट के समय विमान का नियंत्रण संभालने वाले साथी पायलट की तारीफ की। उन्होंने उनके इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि वह इसे जीवन भर याद रखेंगे।

विमान में हुई इस कथित हिंसक घटना के दौरान स्थिति को नियंत्रित करना बेहद जरूरी था। विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव आने की भी जानकारी सामने आई थी। बाद में विमान को नियंत्रित किया गया और उसका मार्ग बदलकर सऊदी अरब के तबुक की ओर किया गया, जहां वह सुरक्षित उतर गया।

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई थी घटना

यह इंटरव्यू 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना के कुछ सप्ताह बाद सामने आया। यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर हमला किया था। चोटिल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों को अंदर पहुंचने और कथित हमलावर को काबू करने में मदद मिली।

घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक गिरावट आने की बात भी सामने आई। हालांकि, बाद में विमान को नियंत्रित कर लिया गया और उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों और चालक दल को राहत मिली।

घटना से उबरने की कोशिश कर रहे हैं कैप्टन स्मित

इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वह अब भी उस खौफनाक पल से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उनका बयान विमानन सुरक्षा और उड़ान के दौरान चालक दल के सामने आने वाली अप्रत्याशित परिस्थितियों की गंभीरता को सामने लाता है।

कॉकपिट में पायलटों की जिम्मेदारी केवल विमान उड़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि आपात स्थिति में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।

फ्लाईदुबई की इस उड़ान में हुई घटना के दौरान सामने आए अनुभव और कैप्टन स्मित का बयान इस बात को रेखांकित करते हैं कि संकट की घड़ी में संयम, त्वरित निर्णय और टीमवर्क कितना महत्वपूर्ण होता है।

नोट: घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच या संबंधित अधिकारियों के बयान देखना जरूरी है।

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