सोशल संवाद/जमशेदपुर : चक्रधरपुर मंडल के खनिज लोडिंग क्षेत्र की लाइन पर भी मालगाड़ियां 130 किमी की स्पीड से दौड़ेंगी। इसके लिए दक्षिण पूर्व जोन से करीब सौ किलोमीटर की परिधि में लाइन का स्लीपर बदलने का आदेश हुआ है। इससे लोड मालगाड़ियों का सुरक्षित परिचालन हो सके।

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मालगाड़ी की स्पीड बढ़ाने की योजना से आठ ब्रांच लाइन का स्लीपर बदलने में रेलवे 670 करोड़ से ज्यादा खर्च करेगा। इससे पादापहाड़, नयागढ़, नोवामुंडी, बड़ाजामदा, बलानी, राजखरसावां, देवझर एवं जरुली के बीच लाइन में स्लीपर बदलने की तैयारी है। उम्मीद है कि मालगाड़ियों की स्पीड बढ़ने से चक्रधरपुर मंडल लोडिंग व ढुलाई मामले में नंबर-1 बन सकता है। इससे मंडल से खनिज, कोयला, सीमेंट और तैयार स्टील एवं अन्य माल कंपनियों और उपभोक्ताओं तक समय से पहुंचेगा।
मालूम हो कि, रेलवे बोर्ड के ढुलाई लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दक्षिण पूर्व जोन में ट्रेक्शन व सिग्नल सिस्टम दुरुस्त करने, यार्ड विस्तार व नई लाइन बनाने का काम शुरू है। मालगाड़ियों का संचालन बढ़ाने के लिए चक्रधरपुर मंडल के ओड़िशा क्षेत्र में अभी चौथी लाइन का काम शुरू है, जबकि पांचवी लाइन का सर्वे हो रहा है।
ट्रैक मशीन साइडिंग भी बना रहा रेलवे
लाइन की नियमित जांच व मरम्मत की योजना से रेल मंडल के 18 स्टेशनों के आसपास करीब 49 करोड़ की लागत से ट्रैक मशीन केंद्र बनाने की योजना है, जिससे कि किसी तरह की खराबी को तत्काल दुरुस्त किया जा सके। ट्रैक मशीन केंद्र की सुविधा से लाइन की जांच एवं अन्य तरह के रखरखाव के लिए रेलवे को दूर से मशीन नहीं मंगानी पड़ेगी। मशीन आधारित जांच का दायरा बढ़ने से ट्रैक की गुणवत्ता में सुधार होगा। सुरक्षित परिचालन और स्पीड बढ़ाने में रेलवे को मदद मिलेगी।









