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पूर्व मंत्री की पत्नी से लेकर डॉक्टर और रसूखदार घरानों की बहुएं मैदान में

By Riya Kumari

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : लौहनगरी में 23 फरवरी को होने वाले निकाय चुनाव के लिए 29 जनवरी गुरुवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसी के साथ शहर का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 

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मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद के चुनाव इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और हाई-प्रोफाइल होने जा रहे हैं। कहीं दशकों का इंतजार खत्म हो रहा है, तो कहीं रसूखदार परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।  

मानगो: मेयर की कुर्सी के लिए शक्ति प्रदर्शन 

मानगो नगर निगम में पहली बार चुनाव हो रहे हैं, जिससे यहां उत्साह चरम पर है। मेयर पद के लिए सबसे चर्चित नाम सूबे के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता का है। 

हालांकि, उनकी राह उतनी आसान नहीं दिख रही है। उन्हें टक्कर देने के लिए विपक्षी दलों और रसूखदार परिवारों ने मजबूत घेराबंदी की है: 

राजनीतिक घराने: भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव ने मैदान में उतरकर मुकाबले को सीधा बना दिया है। 

व्यावसायिक प्रभाव: शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी अविनाश सिंह राजा की पत्नी ज्योति सिंह और नीरज सिंह की पत्नी बबिता सिंह के मैदान में आने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।

प्रबुद्ध वर्ग की दस्तक: एमजीएम की पूर्व चिकित्सक डॉ. विनीता सहाय ने अपनी दावेदारी से चुनाव को बौद्धिक आयाम दे दिया है। इसके अलावा जेबा खान, चंचल शर्मा और नीलम देवी भी मजबूती से डटी हुई हैं। 

जुगसलाई: 40 साल बाद जनता चुनेगी अपनी सरकार 

जुगसलाई नगर परिषद में चुनावी बिगुल चार दशक (40 साल) बाद बजा है। यहां अध्यक्ष पद के लिए झामुमो नेता मन्नान मल्लिक की पत्नी डोली मल्लिक प्रमुख चेहरा हैं। 

उन्हें चुनौती देने के लिए अल्पसंख्यक आयोग से जुड़ीं नौशीन खान और प्रभा जायसवाल ने पूरी ताकत झोंक दी है। पूजा राय और बलबीर कौर की मौजूदगी ने यहां के मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है।  

पर्दे के पीछे की दलों की चुप्पी 

गुरुवार से नामांकन तो शुरू हो रहे हैं, लेकिन भाजपा और जदयू जैसे प्रमुख दलों ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दलों की इस चुप्पी ने कई निर्दलीय और पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। 

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