सोशल संवाद/गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को परोसे जा रहे मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच के दौरान आरोप लगा कि भोजन बनाने में नकली सरसों तेल और संदिग्ध मसालों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले का खुलासा बरडीहा प्रखंड में निरीक्षण के दौरान हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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स्कूलों में जांच के दौरान सामने आई अनियमितता
बरडीहा प्रखंड के सेमरी गांव स्थित पीएम श्री विद्यालय और आदर गांव के एक सरकारी विद्यालय में मध्याह्न भोजन की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान भोजन बनाने में इस्तेमाल हो रहे सरसों तेल और मसालों की गुणवत्ता पर संदेह जताया गया। जांच में दोनों उत्पाद संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद उनके नमूने सुरक्षित कर आगे की जांच के लिए भेजे गए।
तेल में मिलावट का आरोप
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दावा किया कि इस्तेमाल किए जा रहे सरसों तेल में सामान्य सरसों की खुशबू नहीं थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि तेल में मिलावट की गई है। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि होगी।
खाद्य विभाग करेगा जांच
प्रशासन ने संदिग्ध सरसों तेल और मसालों के नमूने जब्त कर फूड सेफ्टी विभाग को जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में नाराजगी
मामले की जानकारी मिलने के बाद छात्रों के अभिभावकों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और निष्पक्ष जांच की सराहना की।
पहले भी सुर्खियों में रहा था इलाका
यह पहला मामला नहीं है जब इस क्षेत्र से खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायत सामने आई हो। करीब एक वर्ष पहले इसी इलाके में गोलगप्पे के पानी और खाद्य सामग्री से जुड़ा एक विवाद भी चर्चा में आया था। हालांकि, वर्तमान मामले की जांच अलग से की जा रही है और प्रशासन ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









