Godda News: BJP BLA पर 200 Form 7 जमा करने का आरोप, मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने का दावा

By Tamishree Mukherjee

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Godda News: BJP BLA पर 200 Form 7

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सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के गोड्डा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ा मामला सामने आया है। यहां बीजेपी के एक बूथ लेवल एजेंट (BLA) विनय कुमार मंडल को कथित तौर पर करीब 200 Form 7 आवेदन जमा करने के मामले में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि इन आवेदनों के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिश की गई। गिरफ्तारी के बाद विनय कुमार मंडल को जमानत मिल चुकी है।

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मामला गोड्डा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पचरुखी गांव स्थित बूथ नंबर 231 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता और संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का दावा है कि मंडल द्वारा जमा किए गए आवेदन बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं से जुड़े थे।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता मुकर्रम अंसारी भी उन मतदाताओं में शामिल हैं, जिनके नाम के खिलाफ कथित तौर पर Form 7 जमा किया गया था। उनका कहना है कि Form 7 के जरिए जिन मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया, वे सभी वास्तविक मतदाता हैं।

अंसारी के मुताबिक, करीब 200 Form 7 आवेदन बूथ लेवल ऑफिसर साजिदा बीबी को सौंपे गए थे। जब स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। मामले में यह भी आरोप है कि जिन मतदाताओं के नाम के खिलाफ आवेदन दिए गए, उनमें BLO साजिदा बीबी और उनके पति के नाम भी शामिल थे।

BLO ने Form 7 पर साइन करने से किया इनकार

BLO साजिदा बीबी के मुताबिक, विनय कुमार मंडल 29 अगस्त को उनके पास करीब 200 Form 7 आवेदन लेकर पहुंचे थे। बताया गया कि मंडल ने फॉर्म उनके पति को सौंपे और उन पर हस्ताक्षर करने के साथ रसीद देने की बात कही।

साजिदा बीबी ने कथित तौर पर फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वह पहले सभी आवेदनों की जांच करना चाहती थीं। जांच के दौरान उन्होंने पाया कि ये सभी Form 7 थे और इनमें उनके तथा उनके पति के नाम भी शामिल थे। BLO के अनुसार, बड़ी संख्या में आवेदन मुस्लिम मतदाताओं से संबंधित थे।

बीजेपी BLA विनय मंडल ने क्या कहा?

विनय कुमार मंडल ने आरोपों के बीच अपना पक्ष भी रखा। उनके मुताबिक, उन्हें Form 7 जमा करने के लिए कहा गया था और इसी के तहत वह BLO के पास आवेदन लेकर गए थे। मंडल ने दावा किया कि बाद में उन्हें पचरुखी गांव बुलाया गया, जहां कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। उनका आरोप है कि उन्हें सुबह करीब 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक जबरन रोके रखा गया।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पता था कि Form 7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम था कि यह फॉर्म BLO के सामने दावा या आपत्ति दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और BLO जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करता है।

ज्यादातर आवेदन मुस्लिम मतदाताओं से जुड़े होने की बात

विनय मंडल ने यह भी स्वीकार किया कि उनके द्वारा जमा किए गए करीब 200 Form 7 आवेदनों में ज्यादातर नाम मुस्लिम मतदाताओं के थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके अपने गांव में भी एक अन्य BLA ने इसी तरह के फॉर्म जमा किए थे और वहां आबादी मुख्य रूप से हिंदू है।

कई धाराओं में FIR दर्ज

इस मामले में गोड्डा मुफस्सिल थाने में 3 सितंबर को विनय कुमार मंडल के खिलाफ FIR दर्ज की गई। उन्हें मामले में BLA-2 के तौर पर चिन्हित किया गया है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें कथित जालसाजी और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान से संबंधित धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। विनय कुमार मंडल को गिरफ्तार किए जाने के बाद फिलहाल जमानत मिल चुकी है।

पहले भी सामने आया था Form 7 का मामला

इससे पहले गोड्डा जिले के महेशटिकरी ब्लॉक में भी बीजेपी के BLA द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के खिलाफ Form 7 जमा किए जाने की बात सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता शामिल थे।

कम से कम चार बूथों के BLO ने कथित तौर पर फॉर्म स्वीकार करने से इनकार किया और शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या कहा?

झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, BLO किसी Form 7 को लेने से इनकार नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Form 7 के आधार पर किसी मतदाता का नाम सीधे मतदाता सूची से नहीं हटाया जाता। नाम हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाती है।

इस बयान के बाद Form 7 को लेकर चल रही बहस में यह बात महत्वपूर्ण हो जाती है कि किसी आवेदन का जमा होना अपने आप में मतदाता का नाम हटने का प्रमाण नहीं है।

बीजेपी और RJD के बीच भी जुबानी जंग

मामले को लेकर बीजेपी और आरजेडी के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। गोड्डा के पूर्व बीजेपी विधायक अमित मंडल ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के BLA विनय मंडल को कुछ लोगों ने गलत तरीके से बंधक बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ हिंसा का खतरा था। अमित मंडल ने घटना में आरजेडी की कथित संलिप्तता का आरोप भी लगाया।

वहीं, आरजेडी नेता रजनीश यादव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विनय मंडल को किसी ने नुकसान नहीं पहुंचाया। उन्होंने बीजेपी नेता के ‘मॉब लिंचिंग’ वाले बयान पर भी सवाल उठाया। गौरतलब है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में गोड्डा सीट से अमित मंडल को आरजेडी के संजय प्रसाद यादव ने हराया था।

अब जांच में सामने आएगा पूरा सच

गोड्डा में Form 7 से जुड़ा यह मामला मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और राजनीतिक दलों के BLA की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सबसे अहम सवाल यह है कि करीब 200 Form 7 आवेदन किस आधार पर तैयार किए गए, उनमें दिए गए दावों की सत्यता क्या थी और क्या वास्तव में किसी मतदाता का नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया गया था। इन सवालों का जवाब जांच और निर्वाचन प्रक्रिया के तहत होने वाली आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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