सोशल संवाद / डेस्क : तेलंगाना सरकार बुजुर्ग माता-पिता के पक्ष में सख्त कानून बनाने जा रहा है। इस नए कानून के तहत उन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं।
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कर्मचारी के अकाउंट से रुपये काटकर यह पैसा माता-पिता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि बूढ़े माता-पिता द्वारा अपने बेटों के खिलाफ की गई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सैलरी का 10 प्रतिशत सीधे माता-पिता के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने दिव्यांग व्यक्तियों को रेट्रोफिटेड मोटराइज्ड वाहन, बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिल, बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप, सुनने की मशीन, मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक उपकरण मुफ्त में बांटने की शुरुआत करते हुए यह घोषणा की। सरकार ने इस नई योजना के लिए 50 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘प्रणाम’ नाम से डे-केयर सेंटर भी स्थापित कर रही है।










