सोशल संवाद/राँची : झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने 48 नगर निकायों (शहरी स्थानीय निकायों) के चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। मतगणना की प्रक्रिया 27 फरवरी की सुबह शुरू होगी और पूरे राज्य में कुल 1309 टेबलों पर वोटों की गिनती की जाएगी।

आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में तैयारी पूरी कर ली गई है, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, काउंटिंग सेंटर, स्टाफ की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी शामिल है। पार्षद (वार्ड सदस्य) और मेयर (अध्यक्ष) के लिए गणना अलग-अलग होगी, जिसमें पार्षदों की गिनती मल्टी-राउंड में और मेयर की सिंगल या कम राउंड में होगी।
मतगणना का शेड्यूल और समय
शुरुआत का समय: मतगणना 27 फरवरी को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती की जाएगी, उसके बाद ईवीएम से वोटों की काउंटिंग होगी। समाप्ति और रिजल्ट घोषणा: गिनती की प्रक्रिया उसी दिन पूरी होने की उम्मीद है, लेकिन निकाय के आकार, वार्डों की संख्या और राउंड्स के आधार पर कुछ जगहों पर शाम तक या अगले दिन तक परिणाम घोषित हो सकते हैं। प्रत्येक राउंड की गिनती के बाद आंशिक परिणामों की घोषणा की जाएगी, और अंतिम रिजल्ट प्रमाणित होने के बाद जारी किया जाएगा।
कुल अवधि: छोटे निकायों में 2-3 राउंड में काम पूरा हो सकता है, जबकि बड़े नगर निगमों जैसे रांची में 5 राउंड, बोकारो में 9 राउंड तक लग सकते हैं। आयोग ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। परिणाम कब?: अधिकांश निकायों के रिजल्ट 27 फरवरी शाम तक आ जाएंगे, लेकिन देरी होने पर 28 फरवरी तक घोषित किए जा सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट और मीडिया के माध्यम से अपडेट उपलब्ध होंगे।
गणना की प्रक्रिया: पार्षद और मेयर के लिए अलग-अलग व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पार्षद (वार्ड काउंसलर) और मेयर (नगर निगम/परिषद अध्यक्ष) के लिए मतगणना अलग-अलग टेबलों पर होगी। पार्षदों की गिनती वार्ड-वार होगी, जबकि मेयर की गिनती पूरे निकाय के वोटों पर आधारित होगी और कम राउंड में पूरी हो जाएगी। सभी काउंटिंग सेंटरों में तीन स्तर की सुरक्षा होगी, जिसमें पुलिस, सीआरपीएफ और स्थानीय फोर्स शामिल हैं। प्रत्येक टेबल पर पर्यवेक्षक, कैंडिडेट एजेंट और मीडिया की निगरानी रहेगी। ईवीएम की रैंडम चेकिंग भी की जाएगी।










