सोशल संवाद / डेस्क : ज्ञानवापी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह (मथुरा) और संभल शाही जामा मस्जिद से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुझाए गए आपसी समझौते (मध्यस्थता) के प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने स्वीकार नहीं किया है। अदालत ने इन संवेदनशील मामलों का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की पहल की थी, लेकिन फिलहाल इस दिशा में सहमति नहीं बन सकी है।

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था मध्यस्थता का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने अपने ‘समाधान समारोह-2026’ पहल के तहत इन लंबे समय से लंबित धार्मिक विवादों को विशेष लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से सुलझाने का सुझाव दिया था। अदालत का उद्देश्य था कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए किसी साझा समाधान तक पहुंचें।
दोनों पक्षों ने नहीं जताई सहमति
रिपोर्टों के अनुसार, हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने मध्यस्थता के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। ऐसे में फिलहाल समझौते की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और विवादों का समाधान अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ने की संभावना है।
किन मामलों से जुड़ा है मामला?
यह पहल तीन प्रमुख धार्मिक विवादों से संबंधित है :
- वाराणसी का ज्ञानवापी परिसर विवाद
- मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद
- संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़ा मामला
इन सभी मामलों में विभिन्न अदालतों में सुनवाई जारी है और कई याचिकाएं लंबित हैं।
न्यायिक प्रक्रिया रहेगी जारी
चूंकि समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है, इसलिए इन मामलों की सुनवाई अब संबंधित अदालतों में तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी। अदालतों के आगामी आदेशों पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।










