सोशल संवाद / डेस्क : कम बजट में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का ध्यान खींच रही है। बड़ी फिल्मों के बीच भी फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसी बीच अब इसे अलग-अलग राज्यों में टैक्स फ्री करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। उत्तराखंड के बाद अब झारखंड में भी फिल्म को कर-मुक्त करने की मांग उठी है।
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संजय सेठ ने CM हेमंत सोरेन को लिखा पत्र
रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर फिल्म ‘हनुमान अंश’ को झारखंड में टैक्स फ्री करने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में फिल्म के सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख किया है।
संजय सेठ के मुताबिक, फिल्म भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा को आधुनिक संदर्भ में प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करती है। फिल्म की कहानी महान संत और हनुमान भक्त नीम करौली बाबा के जीवन, साधना और उनके आदर्शों से प्रेरित बताई गई है।
नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित है फिल्म
फिल्म में नीम करौली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक विचारों को केंद्र में रखा गया है। पत्र में संजय सेठ ने कहा कि झारखंड में भी नीम करौली बाबा के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके प्रसिद्ध कैंची धाम के दर्शन के लिए जाते हैं।
उनका कहना है कि फिल्म में सत्य, साहस, सेवा और धर्म के प्रति निष्ठा जैसे मूल्यों को प्रमुखता से दिखाया गया है। ऐसे विषय युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में मददगार हो सकते हैं।
‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने की क्यों उठी मांग?
संजय सेठ ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि फिल्म के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इसे झारखंड में कर-मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि समाज के सभी वर्गों के लोग इसे आसानी से देख सकें।
उन्होंने कहा कि इस तरह की फिल्में लोगों को अपनी संस्कृति और समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का काम करती हैं। साथ ही, परिवार के साथ देखी जा सकने वाली ऐसी फिल्मों से समाज में सांस्कृतिक जुड़ाव को भी बढ़ावा मिल सकता है।
उत्तराखंड में पहले ही टैक्स फ्री हुई फिल्म
‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड सरकार पहले ही टैक्स फ्री कर चुकी है। हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी फिल्म देखी थी।
फिल्म देखने के बाद सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिल्म के जरिए नीम करौली बाबा के जीवन, तप, त्याग, सेवा और भगवान हनुमान के प्रति उनकी अटूट आस्था को जानने और समझने का अवसर मिला। उन्होंने बाबा के जीवन को मानवता की सेवा, आध्यात्मिक साधना और लोककल्याण के लिए समर्पित बताया।
अब झारखंड सरकार के फैसले पर नजर
उत्तराखंड में फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने के बाद अब झारखंड में ‘हनुमान अंश’ को कर-मुक्त करने की मांग सामने आई है। रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ के पत्र के बाद इस मामले में अब राज्य सरकार के फैसले पर नजर रहेगी। यदि झारखंड सरकार फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय लेती है, तो इससे दर्शकों के लिए फिल्म देखना अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है और फिल्म की पहुंच भी बढ़ सकती है।










