सोशल संवाद/रांची : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मंगलवार को कहा कि झारखंड में सरकार हेल्थ की गारंटी देगी। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे राज्य में लागू किया जाएगा। योजना के लागू होते ही जन्म लेने के साथ बच्चे का हेल्थ कार्ड बन जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा विदेशों में होता है। इससे माता-पिता की यह टेंशन खत्म हो जाएगी कि अगर उनका बच्चा बीमार पड़ जाए तो उसका इलाज कैसे होगा। ये सुविधा राज्य में सभी के लिए लागू की जाएगी।
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स्वास्थ्य मंत्री विश्व स्वास्थ्य दिवस पर नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में जल्द ही ‘स्वास्थ्य गारंटी कार्ड’ लागू किया जाएगा। इसके जरिए हर नागरिक को सुलभ और बेहतर इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) रैंकिंग में झारखंड ने देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है। कार्यक्रम में डॉ. इरफान अंसारी ने इसे ऐतिहासिक बताया।
247 नए एडवांस एंबुलेंस की खरीद होगी : स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में 1200 स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति होगी। 7500 एएनएम और जीएनएम की भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। केवल यहीं नहीं, राज्य को जल्द 247 नई एंबुलेंस मिलेगी।
कोई डॉक्टर बात नहीं करना चाहता, यह ठीक नहीं है…
जामताड़ा के चैनपुर निवासी नसीरुद्दीन अंसारी की मंगलवार सुबह रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। दो दिन पूर्व उन्हें रिम्स लाया गया था। मौैत की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी रिम्स पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
परिजनों का आरोप था कि मरीज को देखने एक बार भी वरिष्ठ डॉक्टर नहीं आते हैं और गंभीर मरीजों को जूनियर डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। मंत्री ने रिम्स निदेशक से कहा कि कुछ डॉक्टरों का व्यवहार ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कई डॉक्टर फोन पर बात करने से भी कतराते हैं, जबकि मरीज की स्थिति की जानकारी देना उनकी जिम्मेदारी है।









