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निवेश, रोजगार और छात्रवृत्ति पर विधानसभा में गरमाई बहस, सरकार ने आंकड़ों के साथ दिया जवाब

By Aditi Pandey

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heated debate erupted in the Assembly निवेश

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सोशल संवाद/डेस्क: विधानमंडल के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को विधानसभा में निवेश और रोजगार के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। प्रश्नकाल के दौरान इस विषय पर तीखी बहस और कई बार नोकझोंक भी देखने को मिली।

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सपा सदस्य के सवाल पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्दगोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने जवाब दिया, लेकिन असहमति जताए जाने पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विस्तार से सरकार का पक्ष रखा।

मंत्री ने बताया कि किसी भी निवेश प्रक्रिया में पहले समझौता ज्ञापन, फिर ग्राउंड ब्रेकिंग और उसके बाद परियोजनाओं का क्रियान्वयन होता है। उनका कहना था कि प्रदेश में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है, जिससे 15 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है।

रोजगार के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ईपीएफओ में पंजीकृत सदस्यों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है, जिसे रोजगार सृजन का संकेत बताया गया। औद्योगिक विकास दर को लेकर भी सरकार ने दावा किया कि प्रदेश की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।

निजी क्षेत्र में आरक्षण के सवाल पर सरकार ने स्पष्ट किया कि निजी कंपनियां नियुक्ति के समय कौशल और आवश्यकता को प्राथमिकता देती हैं, इसलिए वहां आरक्षण का प्रावधान लागू नहीं होता।

वहीं छात्रवृत्ति के मुद्दे पर पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि किसी भी पात्र ओबीसी छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग का बजट पहले की तुलना में कई गुना बढ़ाया गया है और इस वर्ष लाखों छात्रों को छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य रखा गया है।

सत्र के दौरान निवेश, रोजगार और सामाजिक योजनाओं को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस का माहौल बना रहा, जिससे सदन की कार्यवाही काफी गरम रही।

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