सोशल संवाद/रांची : थाने में पुलिस द्वारा की गई मारपीट न और राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी लगाने से जुड़े मामले क की गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस – सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने कैमरे लगाने के हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन न होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
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डीजीपी को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए पूछा कि न कोर्ट के आदेश का पालन नहीं न करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। डीजीपी को इस संबंध में शपथ पत्र दाखिल कर आदेश के अनुपालन की 5 स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया में है। इस दौरान कोर्ट ने मौखिक तौर पर कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न न न करें कि कोर्ट को कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़े। अदालत ने पं मुख्य सचिव और गृह सचिव को भी इस मामले को गंभीरता से लेने और आदेश के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश – दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 5 सितंबर को होगी।
पूर्व प्रत्याशी की पिटाई के बाद हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला
यह मामला झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रत्याशी रहे तरुण महतो की पुलिस हिरासत में पिटाई से जुड़ा है। तरुण महतो वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के इचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी थे। आरोप है कि 19 नवंबर 2025 की रात इचागढ़ पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के बाद उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई थी। इसी पत्र पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था।
मेडिकल अफसर के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी नहीं मिला जवाब
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से उस मेडिकल अफसर के खिलाफ की गई कार्रवाई पर जवाब मांगा था, जिसने तरुण महतो को अदालत में पेश किए जाने के समय फिट फॉर कस्टडी का प्रमाणपत्र दिया था। गुरुवार की सुनवाई में कोर्ट के निर्देश के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई कार्रवाई का जवाब अदालत के समक्ष नह प्रस्तुत किया गया। इस पर भी अदालत ने जवाब मांगा है।
सरायकेला एसपी से सीसीटीवी कैमरे लगाने पर मांगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने सरायकेला-खरसावां के एसपी से उनके जिले के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। अदालत ने एसपी को संबंधित दस्तावेजों के साथ अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। लेकिन थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश का पालन नहीं होने पर अदालत ने डीजीपी को अवमानना नोटिस जारी किया गया है।
9006 कैमरे पर खर्च होंगे 90 करोड़
सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों को थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था, ताकि थानों में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए आरोपियों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, उसकी निगरानी हो सके। इसके बाद झारखंड में जैप आईटी को सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया। जैप आईटी की ओर से दो बार डीपीआर बनाकर टेंडर निकाला गया, लेकिन एजेंसी का चयन नहीं हो पाया। इसके बाद डीपीआर में संशोधन किया गया। पिछले दिनों राज्य मंत्रिपरिषद ने राज्य के 606 थानों में 9006 सीसीटीवी कैमरे लगाने पर 90 करोड़ रुपए खर्च करने की स्वीकृति दी है। अब अगले माह इसका टेंडर निकलेगा। इस साल के अंत तक ही सीसीटीवी कैमरे लग सकते हैं।









