सोशल संवाद / डेस्क : दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र लाभार्थियों के लिए संशोधित हेल्थ एम्पैनलमेंट पॉलिसी लागू की है। महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि नई नीति का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक सरल, व्यापक और लाभार्थी-केंद्रित बनाना है।
यह भी पढे : बंगाल उपचुनाव में रेजीनगर से ममता के प्रत्याशी फिर पलटे:सुबह कहा- नहीं लड़ूंगा, दोपहर में बोले- लड़ूंगा
महापौर के अनुसार, वर्ष 2006 के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी यह एक व्यापक नीति समीक्षा है। इसके तहत निगम के कर्मचारियों, उनके परिवारों, पेंशनभोगियों और अन्य पात्र लाभार्थियों को चिकित्सा सेवाओं का लाभ आसान तरीके से देने का प्रावधान किया गया है।
नियमित कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
संशोधित नीति के तहत नियमित कर्मचारियों और उनके आश्रितों को निर्धारित CGHS दरों पर सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इनडोर उपचार की सुविधा मिलेगी। अस्पताल को निर्धारित भुगतान निगम की ओर से सीधे किया जाएगा। अन्य मामलों में CGHS दिल्ली की निर्धारित दरों के अनुसार प्रतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा।
अनुबंध कर्मचारियों के लिए भी सुविधा
अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। अनुबंध अवधि के दौरान सूचीबद्ध अस्पतालों में CGHS दरों पर कैश-पेमेंट आधार पर उपचार कराया जा सकेगा।
पेंशनभोगियों को क्रेडिट और कैशलेस उपचार
पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में क्रेडिट और कैशलेस उपचार की सुविधा जारी रहेगी। इसके अलावा वे CGHS से सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। इसके लिए CGHS दर या वास्तविक खर्च, जो भी कम हो, उसके आधार पर प्रतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा।
70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को राहत
नीति में 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष सुविधा दी गई है। उन्हें बिना रेफरल सीधे विशेषज्ञ से चिकित्सकीय परामर्श लेने और क्रेडिट आधार पर कैशलेस इनडोर उपचार की सुविधा मिलेगी।
दिल्ली से बाहर रहने वालों के लिए भी प्रावधान
दिल्ली से बाहर रहने वाले पात्र लाभार्थी किसी भी सरकारी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। इसके लिए CGHS दर या वास्तविक खर्च, जो भी कम हो, के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
निजी अस्पतालों और लैब्स का सालभर एम्पैनलमेंट
संशोधित नीति के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों और लैब्स के लिए पूरे वर्ष एम्पैनलमेंट की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। निर्धारित शर्तों के तहत सुरक्षा जमा की आवश्यकता नहीं होगी।
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि नीति का उद्देश्य लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना, अस्पतालों के विकल्प बढ़ाना और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नीति के प्रावधानों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लाभार्थियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।










