सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड में माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति परीक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने परीक्षा में गड़बड़ी और कथित कंप्यूटर हैकिंग के मामले की जांच CID से कराने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव को मामले में FIR दर्ज कराने को कहा गया है।

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यह मामला JSSC की माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति परीक्षा से जुड़ा है। इस परीक्षा में करीब 2819 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराई गई थी। आयोग ने परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम में गड़बड़ी और बाहरी हस्तक्षेप की बात कहते हुए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया था। इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज जांच जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है। कोर्ट ने CID को जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पहले और दोबारा हुई परीक्षा के अंक होंगे जारी
कोर्ट ने JSSC को निर्देश दिया है कि दोबारा परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के पहले चरण की परीक्षा के अंक भी सार्वजनिक किए जाएं। अगर जांच में किसी अभ्यर्थी के खिलाफ कोई गलत तथ्य सामने नहीं आता और वह तय मेरिट में आता है, तो उसकी नियुक्ति पर भी विचार किया जा सकता है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि CID जांच में सामने आने वाले तथ्यों का असर पूरी नियुक्ति प्रक्रिया और उसके परिणाम पर पड़ सकता है। वहीं, अगर जांच में JSSC के किसी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल माध्यमिक आचार्य परीक्षा से जुड़े इस मामले में CID जांच के बाद ही कई सवालों के जवाब सामने आएंगे। अभ्यर्थियों की नजर अब जांच की रिपोर्ट और नियुक्ति प्रक्रिया पर है।









