सोशल संवाद / जमशेदपुर : जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर करने को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक हुई। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में सड़क की स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थलों, यातायात प्रबंधन और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
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काशिदा डायवर्सन पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश
बैठक में घाटशिला के काशिदा के पास सड़क की खराब स्थिति और बनाए गए डायवर्सन का मुद्दा उठा। उपायुक्त ने एनएचएआई के प्रतिनिधि को सड़क मरम्मत का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। मरम्मत पूरी होने तक वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए तत्काल डायवर्सन बोर्ड लगाने और जरूरी स्थानों पर कैट्स आई स्थापित करने को कहा, ताकि रात में भी वाहन चालकों को रास्ता स्पष्ट दिखाई दे।
धालभूमगढ़ में वे-साइड एमेनिटीज के लिए भूमि सत्यापन जल्द
धालभूमगढ़ में वे-साइड एमेनिटीज की एक अन्य यूनिट के निर्माण में भूमि सत्यापन की प्रक्रिया लंबित रहने से हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने अंचल अधिकारी, धालभूमगढ़ को भूमि सत्यापन जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से राजमार्ग पर सफर करने वाले लोगों को जरूरी सुविधाएं मिलेंगी, इसलिए प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
हाईवे किनारे अवैध दुकानों की सूची मांगी
राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध रूप से संचालित दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर उपायुक्त ने संज्ञान लिया। उन्होंने एनएचएआई के प्रतिनिधियों को ऐसी सभी दुकानों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
पारडीह-बालिगुमा सड़क की मरम्मत और धूल नियंत्रण पर जोर
पारडीह से बालिगुमा तक निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे की सड़क की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी को सड़क की मरम्मत और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में मरम्मत के साथ धूल नियंत्रण के उपाय भी किए जाएं, ताकि आसपास के निवासियों और राहगीरों को राहत मिल सके।
ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्रवाई और जांच अभियान
उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, सड़क संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा रात में दृश्यता बढ़ाने वाले सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्रवाई करने और यातायात नियमों के अनुपालन के लिए नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया।
बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर मुकेश मछुआ, जिला परिवहन पदाधिकारी महेश्वरी प्रसाद यादव, डीएसपी ट्रैफिक, स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग (आरसीडी), एनएचएआई, सड़क सुरक्षा टीम के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित थे।











