सोशल संवाद/डेस्क: असम सरकार के मंत्री केशब महंता की बेटी दिबिशा महंता के NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होने के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके वयस्क बच्चों के विचारों के आधार पर निशाना बनाना उचित नहीं है।
यह भी पढ़े : ममता सरकार पर CAG की 28 रिपोर्टों का बड़ा खुलासा, अम्फान राहत और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप
NEET विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं मंत्री की बेटी
गुवाहाटी में आयोजित प्रदर्शन के दौरान दिबिशा महंता ने छात्रों के साथ भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए गए नारों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई।
हिमंता सरमा बोले- पिता को ट्रोल करना ठीक नहीं
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि केशब महंता को उनकी बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ट्रोल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि दिबिशा अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा से सहमत न हों। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब बच्चे बड़े हो जाते हैं, तो वे अपने फैसले स्वयं लेते हैं और उनके विचारों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
‘मैं नारों से सहमत नहीं हूं’
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगली बार दिबिशा से मुलाकात होने पर वह इस विषय पर उनसे बात करेंगे और समझाने की कोशिश करेंगे कि उनकी टिप्पणी उचित नहीं थी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
दिबिशा महंता के प्रदर्शन में शामिल होने का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत विचारों की स्वतंत्रता बताया, जबकि कुछ ने मंत्री के परिवार से जुड़े होने के कारण सवाल उठाए।









