सोशल संवद /डेस्क : ज़ोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से IT सेक्टर में नई भर्तियों की रफ्तार धीमी पड़ रही है। उनका मानना है कि यह बदलाव आने वाले समय में भारत के युवाओं, खासकर इंजीनियरिंग स्नातकों, के लिए रोजगार की चुनौती बढ़ा सकता है।
वेम्बू के अनुसार, AI अब कोडिंग, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, डॉक्यूमेंटेशन और तकनीकी सहायता जैसे कई शुरुआती स्तर के कार्य तेजी से करने में सक्षम है। इससे कंपनियों को पहले की तुलना में कम संख्या में नए कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत हर साल बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग स्नातक तैयार करता है, जिनमें से अधिकांश IT उद्योग में रोजगार की उम्मीद रखते हैं। यदि भर्ती की गति धीमी रहती है, तो इसका सीधा असर युवाओं के रोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है।
वेम्बू ने युवाओं से AI, समस्या-समाधान, नई तकनीकों और किसी विशेष क्षेत्र की विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर दिया, ताकि वे बदलते नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रह सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI कुछ पारंपरिक नौकरियों की मांग कम कर सकता है, लेकिन इसके साथ ही नए कौशल और नई तकनीकों से जुड़े रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।









