सोशल संवाद/डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav की मुश्किलें चेक बाउंस मामले में लगातार बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें बकाया रकम जमा करने के निर्देश दिए। ताजा सुनवाई में राजपाल यादव ने 1.15 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट कोर्ट में पेश किए, जबकि बाकी 85 लाख रुपये की रकम जुटाने के लिए उनकी पैतृक संपत्ति बेचने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई।
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‘मैंने 17 करोड़ रुपये गंवा दिए’
मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि फिल्मी प्रोजेक्ट के दौरान उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अदालत के सामने कहा कि उन्होंने करीब 17 करोड़ रुपये गंवाए हैं।
यह मामला उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े वित्तीय विवाद का है। फिल्म बनाने के लिए वर्ष 2010 में करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। रकम वापस नहीं किए जाने के बाद चेक बाउंस के मामले दर्ज हुए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे ₹2 करोड़ जमा करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। तय समय पर रकम जमा नहीं होने पर अदालत ने 5 अक्टूबर को उन्हें कड़ी फटकार लगाई और अंतिम मौका दिया था। कोर्ट ने उनके रवैये पर नाराजगी जताते हुए जेल जाने की चेतावनी भी दी थी।
अब ₹1.15 करोड़ जमा, ₹85 लाख की और व्यवस्था
7 अक्टूबर की सुनवाई में राजपाल यादव की ओर से 1.15 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट पेश किए गए। बाकी 85 लाख रुपये एक संभावित खरीदार की ओर से जमा किए जाने की बात कही गई है। कोर्ट ने इस भुगतान व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राजपाल यादव को पैतृक संपत्ति बेचकर बकाया रकम चुकाने की अनुमति दी।
‘अता पता लापता’ से जुड़ा है मामला
चेक बाउंस का विवाद राजपाल यादव की वर्ष 2012 में आई फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता ली गई थी। भुगतान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सात चेक बाउंस होने पर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। बाद में अलग-अलग अदालतों में मामला चला।











