सोशल संवाद / डेस्क : दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के लिए 12021/12022 हावड़ा-बड़बिल जन शताब्दी एक्सप्रेस के कोचों का व्यापक उन्नयन किया है। ट्रेन अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आंतरिक साज-सज्जा के साथ संचालित हो रही है।
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हावड़ा को झारखंड और उत्तरी ओडिशा के औद्योगिक एवं खनिज क्षेत्रों से जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण दैनिक ट्रेन यात्रियों के बीच काफी उपयोगी है। रेलवे ने इसके रेक में यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई बदलाव किए हैं।
सीट से लेकर लगेज रैक तक किए गए सुधार
उन्नयन के दौरान कोचों की सीटों की गद्दियां और कवर बदले गए हैं। खराब आमरस्ट और रिक्लाइनर को भी नया रूप दिया गया है। इसके अलावा सेंटर टेबल, स्नैक ट्रे, छत और लगेज रैक की मरम्मत व नवीनीकरण किया गया है।
खिड़कियों की क्षतिग्रस्त फिटिंग और रोलर ब्लाइंड्स को भी बदला गया है। गैर-वातानुकूलित कोचों में नए पंखे, एलईडी लाइट और चार्जिंग सॉकेट लगाए गए हैं। वहीं, एसी कोचों में रीडिंग लाइट, चार्जिंग प्वाइंट समेत अन्य आंतरिक सुविधाओं को बेहतर किया गया है।
शौचालयों में भी किए गए बदलाव
रेलवे ने कोचों के शौचालयों की स्थिति सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया है। नए फर्श, बेहतर जल फिटिंग, नवीनीकृत इंटीरियर और हाइजीन मैट की व्यवस्था की गई है। इससे यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिलने की उम्मीद है।
बाहरी हिस्से को भी दिया गया नया रूप
कोचों के बाहरी हिस्से में पीयू पेंटिंग कराई गई है। जंग लगे हिस्सों का उपचार किया गया है। इसके अलावा दरवाजों, खिड़कियों और गंतव्य संकेतक बोर्डों को भी बेहतर बनाया गया है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के अनुसार, इन सुधारों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव देना है। हावड़ा-बड़बिल जन शताब्दी में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को इन सुविधाओं का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।











