सोशल संवाद / नई दिल्ली : बिहार के बक्सर लोकसभा क्षेत्र से RJD सांसद Sudhakar Singh ने सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर कर HPV वैक्सीन ट्रायल मामले की CBI जांच और SIT गठन की मांग की है। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की गई है, जिसमें मानवाधिकार उल्लंघन, कथित अवैध क्लिनिकल ट्रायल और विदेशी संस्थाओं के प्रभाव जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं।
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HPV Vaccine Trial पर उठे गंभीर सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2007 से 2010 के बीच अमेरिकी संस्था PATH ने Bill & Melinda Gates Foundation की फंडिंग से भारत में HPV वैक्सीन ट्रायल करवाए। रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश और गुजरात में हजारों आदिवासी किशोरियों पर Gardasil और Cervarix वैक्सीन का परीक्षण किया गया।
याचिका में दावा किया गया है कि कई मामलों में वैध अनुमति और सही सहमति प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। साथ ही सात नाबालिग लड़कियों की मौत का भी उल्लेख किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
CBI जांच और SIT गठन की मांग
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच CBI या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए। इसके अलावा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और Drug Controller General of India (DCGI) के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।

विदेशी संस्थाओं के प्रभाव का मुद्दा
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ विदेशी फंडेड संस्थाओं को स्वास्थ्य और नीति निर्माण से जुड़े क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा प्रभाव दिया गया, जिससे “parallel administration” जैसी स्थिति पैदा हुई। याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग
याचिका में ट्रायल के दौरान जान गंवाने वाली आदिवासी लड़कियों के परिवारों को मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। साथ ही भविष्य में कमजोर वर्गों पर बिना कड़ी निगरानी के क्लिनिकल ट्रायल रोकने की मांग की गई है।
जल्द हो सकती है सुनवाई
सूत्रों के अनुसार यह मामला आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में प्रारंभिक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है। इस याचिका के बाद HPV वैक्सीन ट्रायल और क्लिनिकल रिसर्च से जुड़े मुद्दों पर फिर से बहस तेज होने की संभावना है।










