सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड अंतर्गत मोहबुना गांव में सरकारी तालाब से अवैध मिट्टी खनन का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खनिज माफिया ने बिना किसी अनुमति के जेसीबी मशीन लगाकर दिनदहाड़े तालाब की खुदाई की और मिट्टी को ट्रैक्टरों के जरिए बेच दिया। इस अवैध गतिविधि के कारण तालाब में गहरी खाइयां बन गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए हादसे का खतरा भी बढ़ गया है।
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ग्रामीणों के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें लगा कि तालाब का सरकारी स्तर पर गहरीकरण किया जा रहा है, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बावजूद माफिया ने न सिर्फ खुदाई जारी रखी, बल्कि विरोध करने वालों को धमकाने का भी आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे गांव में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है, जिससे माफिया के हौसले और बढ़ गए हैं। लगातार हो रही इस अवैध खुदाई से न सिर्फ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, बल्कि लोगों का प्रशासन पर भरोसा भी कमजोर पड़ा है।
इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं संबंधित अधिकारी ने बताया है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









