सोशल संवाद / रांची: आर्थिक संकट से जूझ रहे हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC) के आवासीय परिसर में क्वार्टरों पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, एचईसी के बेहतर स्थिति वाले 260 खाली क्वार्टरों पर अनधिकृत कब्जा है। इन आवासों को नियमानुसार खाली कराकर किराये या लीज पर दिया जाए, तो संस्थान को हर साल करीब 2.19 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है।
HEC के पास 11,109 क्वार्टर, 260 पर अवैध कब्जा
रिपोर्ट के मुताबिक, एचईसी के आवासीय परिसर में कुल 11,109 क्वार्टर हैं। इनमें से 1,148 आवास राज्य सरकार को हस्तांतरित किए जा चुके हैं, जबकि 6,784 क्वार्टर दीर्घकालिक लीज पर दिए गए हैं। इस तरह संस्थान के पास 3,177 आवास शेष हैं।
इनमें 277 क्वार्टर खाली बताए गए हैं। इनमें 17 एफ-टाइप आवास शामिल हैं, जो सीएमडी और निदेशकों के लिए आरक्षित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शेष 260 बेहतर स्थिति वाले क्वार्टरों पर अनधिकृत लोगों का कब्जा है।
500 से अधिक जर्जर क्वार्टरों में भी रह रहे लोग
एचईसी परिसर में अवैध कब्जे की समस्या केवल बेहतर स्थिति वाले आवासों तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में 500 से अधिक ऐसे जर्जर क्वार्टरों में भी लोगों के रहने की बात कही गई है, जिन्हें प्रबंधन कंडम घोषित कर चुका है। इससे आवासीय परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मजदूर यूनियनों ने प्रबंधन पर उठाए सवाल
हटिया कामगार यूनियन के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग क्वार्टरों के ताले तोड़कर उनमें रहने लगते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जानकारी मिलने के बाद नगर प्रशासन विभाग के कुछ अधिकारी कथित तौर पर उनसे हर महीने किराया वसूलते हैं। उन्होंने दुकानों की लीज और लीव लाइसेंस के नवीनीकरण में देरी का मुद्दा भी उठाया।
वहीं, एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष शनि सिंह ने आरोप लगाया कि क्वार्टरों पर अवैध कब्जे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
कर्मचारियों को लीज पर आवास देने का सुझाव
शनि सिंह ने सुझाव दिया कि खाली पड़े क्वार्टरों को कर्मचारियों को दीर्घकालिक लीज पर आवंटित किया जाए। इससे आवासों का उपयोग सुनिश्चित हो सकता है और संस्थान की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
आर्थिक संकट के बीच राजस्व बढ़ाने की चुनौती
एचईसी पहले से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में खाली आवासों का उचित प्रबंधन और संभावित राजस्व की वसूली संस्थान के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। अब यह देखना होगा कि प्रबंधन अवैध कब्जों की स्थिति का सत्यापन कर उन्हें हटाने और आवासीय संपत्तियों से आय बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाता है।










