सोशल संवाद/रांची : राज्य सरकार ने नगर निकायों की आय बढ़ाने के लिए झारखंड नगरीय पर्यटक कर नियमावली लागू कर दी है। इसके तहत अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र के होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों से टूरिज्म टैक्स वसूला जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में होटल में ठहरना थोड़ा महंगा हो जाएगा। यह टैक्स होटल की श्रेणी और पर्यटक की श्रेणी (भारतीय या विदेशी) के आधार पर लिया जाएगा। होटल मालिक पर्यटकों के बिल में यह टैक्स जोड़ेंगे और हर तिमाही के बाद नगर निकाय के खाते में जमा करेंगे।
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होटल जितना बड़ा होगा, उतना ज्यादा टैक्स लगेगा
नियमावली में होटलों को जीएसटी स्लैब के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। बिना जीएसटी वाले होटल, 18% से कम जीएसटी वाले होटल और 18% या उससे अधिक जीएसटी वाले होटल। होटल जितना बड़ा और महंगा होगा, टैक्स भी उतना अधिक लगेगा।
बिल में जुड़ेगा टैक्स, संचालक निगम को देंगे
नगर निकाय पर्यटकों से पैसा नहीं लेंगे। होटल मालिक बिल पर यह टैक्स जोड़ेंगे। यानी पर्यटक होटल का बिल चुकाते समय ही यह टैक्स देंगे। होटल मालिकों को एकत्रित टैक्स हर तिमाही खत्म होने के 15 दिनों के भीतर सरकारी पोर्टल के माध्यम से नगर निकाय के खाते में जमा करना होगा, ठीक जीएसटी भुगतान प्रणाली की तरह।









