सोशल संवाद/डेस्क: Income Tax Department ने हाल ही में कई टैक्सपेयर्स को SMS के माध्यम से नोटिस भेजना शुरू किया है। यह नोटिस उन लोगों के लिए है जिन्हें अब तक इनकम टैक्स रिफंड नहीं मिला है या जिनके रिटर्न में कोई गड़बड़ी पाई गई है। नोटिस में विभाग ने साफ लिखा है कि आपके रिफंड में कुछ अंतर और त्रुटियों के कारण रिटर्न को रिस्क मैनेजमेंट प्रोसेस के तहत अलग रखा गया है और इसकी प्रोसेसिंग फिलहाल रोक दी गई है। साथ ही टैक्सपेयर्स को ईमेल के जरिए भी यही जानकारी भेजी जा रही है।

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टैक्सपेयर्स को 31 दिसंबर 2025 तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का मौका दिया गया है। यदि आपने ITR भरते समय सभी जरूरी दस्तावेज या पेपर्स नहीं लगाये थे, या किसी डिडक्शन को बिना सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट के क्लेम किया था, तो अब आप सही डॉक्यूमेंट्स के साथ अपना रिटर्न अपडेट कर सकते हैं।
CA अभिषेक अनेजा ने बताया कि इस तरह के SMS मिलने पर सबसे पहले यह चेक करना चाहिए कि आपने कौन से डिडक्शन या क्लेम बिना सपोर्टिंग पेपर के किए हैं। अगर आपने अपने Form 16 या मूल पेपर्स से अलग रिफंड क्लेम किया है, तो आपके पास समय बहुत कम है। ऐसे मामलों में रिवाइज्ड रिटर्न समय पर फाइल करना जरूरी है, ताकि किसी तरह का अतिरिक्त टैक्स या जुर्माना न लगे।
यदि टैक्सपेयर्स 1 जनवरी 2026 के बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करते हैं, तो उनके कुल टैक्स पर 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा। वहीं, यदि 31 दिसंबर तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर दिया गया, तो पहले जमा किया गया टैक्स अमाउंट वही मान्य रहेगा और कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स नोटिस को कभी भी सामान्य मैसेज की तरह अनदेखा नहीं करना चाहिए। छोटी सी लापरवाही से टैक्सपेयर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए विभाग ने सभी से अपील की है कि समय पर रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करें और अपने सभी डॉक्यूमेंट्स सही तरीके से अपलोड करें।
इन सभी उपायों से टैक्सपेयर्स न केवल अपने रिफंड को सुरक्षित कर पाएंगे, बल्कि अतिरिक्त टैक्स और जुर्माने से भी बच सकेंगे। यह कदम विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने पिछले साल गलत या फर्जी क्लेम किया था।










