सोशल संवाद / गम्हरिया : सुधा डेयरी के कर्मी रविंद्र नाथ ठाकुर की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार सुबह मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों ने सुधा डेयरी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी का मुख्य गेट जाम कर मुआवजा, आश्रित को स्थायी नौकरी और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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मृतक की पत्नी तारा देवी ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, बल्कि घर भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि मृतक के शरीर में जहरीला पदार्थ पाए जाने की जानकारी मिली है, जिससे उन्हें मौत के पीछे साजिश की आशंका है। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि सुनियोजित घटना हो सकती है।
परिजनों ने प्रशासन से मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने और 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कंपनी गेट पर धरना और जाम जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद हैं, जिसके कारण कंपनी के मुख्य गेट पर आवाजाही प्रभावित हुई है। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मृतक के शरीर में “जहरीला पदार्थ पाए जाने” और “साजिश” संबंधी आरोप परिजनों के दावे हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इन्हें आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए। यदि पुलिस या पोस्टमार्टम रिपोर्ट का आधिकारिक बयान उपलब्ध हो, तो उसे भी खबर में शामिल करना उचित होगा।










