सोशल संवाद / डेस्क : भारतीय रोइंग के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भारतीय सेना के दो रोवर्स हवलदार लक्षय (Lakshay) और हवलदार उज्ज्वल कुमार सिंह (Ujjwal Kumar Singh) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए World Rowing Cup III 2026 में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीत लिया। यह उपलब्धि भारतीय रोइंग के इतिहास में पहली बार हासिल हुई है।
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लुसर्न में भारत ने बनाया इतिहास
स्विट्जरलैंड के लुसर्न (Lucerne) में आयोजित World Rowing Cup III में भारतीय जोड़ी ने लाइटवेट मेंस डबल स्कल्स (Lightweight Men’s Double Sculls) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों ने 6 मिनट 26.09 सेकेंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में हांगकांग और नीदरलैंड की मजबूत जोड़ियों को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया।
भारतीय सेना के खिलाड़ियों का शानदार योगदान
इस प्रतियोगिता में भारतीय दल का अधिकांश हिस्सा भारतीय सेना से जुड़ा था। 18 सदस्यीय टीम में 17 खिलाड़ी भारतीय सेना और एक खिलाड़ी भारतीय नौसेना से था। सेना के खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता ने देश का गौरव बढ़ाया है और भारतीय रोइंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
भारतीय रोइंग के लिए ऐतिहासिक पल
विश्व रोइंग कप में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत भविष्य में भारतीय रोवर्स के लिए नई प्रेरणा बनेगी और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन का रास्ता खोलेगी।
देशभर से मिल रही बधाइयां
इस ऐतिहासिक जीत के बाद खेल प्रेमियों, पूर्व खिलाड़ियों और विभिन्न संगठनों ने भारतीय टीम को बधाई दी है। भारतीय सेना ने भी अपने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए इसे देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।










