सोशल संवाद / चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार की मौजूदगी में चक्रधरपुर प्रखंड के प्रोजेक्ट प्राण के तहत 15वें वित्त आयोग मद से संचालित पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने नकटी पंचायत सचिवालय और आसनतलिया पंचायत सचिवालय का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
पंचायत सचिवालयों की व्यवस्थाओं का किया विस्तृत निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय कक्ष, अभिलेखों के रखरखाव, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, नागरिकों के बैठने की सुविधा, डिजिटल सेवाओं के संचालन, सूचना पट्ट और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को निर्देश दिया कि पंचायत सचिवालयों को ग्रामीणों के लिए आधुनिक, सुव्यवस्थित और जनोपयोगी सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों तक पारदर्शी एवं आसान तरीके से पहुंच सके।
गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट प्राण का उद्देश्य पंचायत सचिवालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिलें प्रशासनिक सेवाएं
पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि पंचायत सचिवालयों को सुरक्षित और सुगम सार्वजनिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना आवश्यक है। बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध होने से ग्रामीणों को विभिन्न प्रशासनिक सेवाएं अपने पंचायत स्तर पर ही प्राप्त होंगी, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
रखरखाव और लंबित कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश
उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत सचिवालयों में उपलब्ध सभी सुविधाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए और शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालय ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण केंद्र हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह कार्यात्मक और नागरिकों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए।
नियमित निगरानी के दिए निर्देश
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया, ताकि पंचायत सचिवालय ग्रामीण प्रशासन की मजबूत और भरोसेमंद इकाई के रूप में कार्य कर सकें।









