सोशल संवाद/डेस्क: कलकत्ता हाईकोर्ट में मंगलवार को IPAC रेड मामले की सुनवाई शुरू होते ही प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने इसे टालने की मांग की। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया कि एजेंसी ने इस मामले से जुड़ी दो याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की हैं, इसलिए हाईकोर्ट को फिलहाल सुनवाई नहीं करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें: बाबा बैद्यनाथ को मकर संक्रांति पर चढ़ा तिल-गुड़:देवघर में उमड़ा आस्था का सैलाब
राजू ने कहा कि मामला जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में जा सकता है, ऐसे में आज की सुनवाई टाल दी जाए तो कोई नुकसान नहीं होगा। सुनवाई के दौरान उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि IPAC की ओर से कोई अदालत में मौजूद क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस संस्था से दस्तावेज और डेटा जब्त किए गए हैं, उसकी कोर्ट में मौजूदगी जरूरी है।
इस मामले में ईडी और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं। उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी को ईडी ने कोलकाता में IPAC के आईटी हेड प्रतीक जैन के कार्यालय पर छापा मारा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंची थीं।
ईडी का आरोप है कि उस दौरान जांच में बाधा डाली गई और कुछ दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वहां से ले जाए गए। इसी को लेकर ईडी ने 9 जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि कोर्ट में अव्यवस्था के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी, जिसके बाद इसे 14 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया था।










