सोशल संवाद / रांची : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी अपने कथित विवादित बयान को लेकर राजनीतिक विवाद में घिर गए हैं। भारत के हालात की तुलना बांग्लादेश और नेपाल से करने संबंधी बयान पर अब मंत्री ने यू-टर्न लेते हुए ऐसा कोई बयान देने से इनकार किया है। उन्होंने पूरे मामले को भाजपा की साजिश बताया है। दूसरी ओर, भाजपा ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की है।
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क्या था इरफान अंसारी का विवादित बयान?
दरअसल, 5 नवंबर 2026 को सामने आए एक वीडियो में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार की नीतियों और देश के मौजूदा हालात पर टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि देश के 40 लाख युवा सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं और राहुल गांधी ने उन्हें रोक रखा है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय रहते हालात पर ध्यान नहीं दिया तो देश की स्थिति बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर हो सकती है।
बयान से पलटे मंत्री, भाजपा की साजिश बताया
विवाद बढ़ने के बाद इरफान अंसारी ने अपने बयान से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत के हालात को बांग्लादेश या उससे भी बदतर बताने वाला कोई बयान नहीं दिया है। मंत्री ने पूरे मामले को भाजपा की साजिश करार दिया।
दीपक प्रकाश ने अरगोड़ा थाने में दी शिकायत
मंत्री के बयान को लेकर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को रांची के अरगोड़ा थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने इरफान अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने अपने वीडियो में 40 लाख युवाओं के सड़कों पर उतरने की बात कही और सेना तथा सुरक्षा बलों को चुनौती देने जैसी टिप्पणियां कीं। दीपक प्रकाश ने इसे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा ने राज्यभर में किया विरोध प्रदर्शन
इस विवाद के विरोध में भाजपा ने शुक्रवार को झारखंड के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाकर विरोध जताया।
रांची में डीपीएस के समीप आयोजित प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी भी शामिल हुए। उन्होंने मंत्री के बयान को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके खिलाफ कार्रवाई करने और मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस पूरे मामले के बाद झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल मंत्री ने अपने कथित बयान से इनकार किया है, जबकि भाजपा ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है।











