रेलवे खंडों के बजट और लेखा नियंत्रण मामलों में मिली गड़बड़ी, कैग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

By Annu kumari

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सोशल संवाद/ डेस्क: रेलवे के उत्तर पश्चिम, दक्षिण पूर्व मध्य और दक्षिण पश्चिम रेलवे खंडों के कुछ बजट और लेखा नियंत्रण मामलों में अनियमितताओं मिली है, इसका खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की संसद में पेश रिपोर्ट में कहा गया है। रेलवे के उत्तर पश्चिम, दक्षिण पूर्व मध्य और दक्षिण पश्चिम रेलवे खंडों के कुछ बजट और लेखा नियंत्रण मामलों में अनियमितताओं की भी ओर इशारा किया, जिसमें बंद हो चुकी परियोजनाओं के मद में धन आवंटन और अनुमानों से अधिक खर्च शामिल हैं।

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इसके अलावा भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2022-23 में यात्री एवं माल परिवहन से 2,39,982.56 करोड़ रुपये कमाए जो उसके एक साल पहले की तुलना में 25.51 प्रतिशत अधिक है. कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, आलोच्य अवधि में रेल मंत्रालय का कुल व्यय 4,41,642.66 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में 11.34 प्रतिशत अधिक है. इसमें 2,03,983.08 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय और 2,37,659.58 करोड़ रुपये राजस्व व्यय शामिल हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे के कुल कार्यशील व्यय का 72.22 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, पेंशन एवं पट्टे पर लिए गए कोच/ इंजन के किराया भुगतान पर गया. कैग ने कहा कि रेलवे के माल भाड़े में कोयले की हिस्सेदारी 50.42 प्रतिशत रही. वित्त वर्ष 2022-23 में 2,517.38 करोड़ रुपये का शुद्ध अधिशेष दर्ज किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में उसे 15,024.58 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

हालांकि यात्री परिचालन में हुए 5,257.07 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई माल ढुलाई के लाभ से पूरी की गई. कैग ने रेलवे के उत्तर पश्चिम, दक्षिण पूर्व मध्य और दक्षिण पश्चिम रेलवे खंडों के कुछ बजट और लेखा नियंत्रण मामलों में अनियमितताओं की भी ओर इशारा किया, जिसमें बंद हो चुकी परियोजनाओं के मद में धन आवंटन और अनुमानों से अधिक खर्च शामिल हैं.

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