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रोज-रोज Reels देखने की आदत दिमाग पर डाल रही है असर? स्टडी में सामने आया चौंकाने वाला कनेक्शन

By Riya Kumari

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रोज-रोज Reels देखने की आदत दिमाग पर डाल रही है असर? स्टडी में सामने आया चौंकाने वाला कनेक्शन
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सोशल संवाद / डेस्क : Reels Watching and Brain: Instagram Reels, YouTube Shorts और दूसरे शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। कुछ मिनट के लिए शुरू हुआ स्क्रॉलिंग सेशन कई बार काफी लंबे समय तक चलता रहता है। हालिया रिसर्च में ज्यादा शॉर्ट-फॉर्म वीडियो इस्तेमाल और ध्यान व cognitive control से जुड़े कुछ बदलावों के बीच संबंध पाया गया है।

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लगातार Reels देखने से फोकस पर असर?

शॉर्ट वीडियो में तेजी से बदलते विजुअल और लगातार नया कंटेंट यूजर का ध्यान खींचते हैं। ABP Live की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में ज्यादा short-form video use करने वाले लोगों में self-control से जुड़े प्रदर्शन और attentional control के बीच नकारात्मक संबंध देखा गया। इसके लिए शोधकर्ताओं ने Go/No-Go जैसे टास्क का इस्तेमाल किया।

रिसर्च में क्या सामने आया?

एक 2024 EEG स्टडी में 48 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, short-video addiction के बढ़ने के साथ self-control और executive control से जुड़े संकेतों में कमी का संबंध देखा गया। Executive control हमें ध्यान बनाए रखने और तुरंत प्रतिक्रिया देने से खुद को रोकने में मदद करता है।

2026 की एक अलग fMRI स्टडी में 55 युवा वयस्कों को देखा गया। ज्यादा short-video use वाले समूह में मस्तिष्क के कई नेटवर्क के बीच functional connectivity में बदलाव पाया गया। हालांकि शोधकर्ताओं ने आगे बड़े और लंबे समय तक चलने वाले अध्ययनों की जरूरत भी बताई है।

पसंदीदा Reels ज्यादा खींच सकती हैं ध्यान

एक अन्य रिसर्च में 56 युवा वयस्कों के दिमाग की गतिविधि को short videos देखते समय जांचा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पसंदीदा वीडियो देखने के दौरान self-control और cognitive control से जुड़े brain regions की activity में बदलाव देखा गया।

वहीं 2026 में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में short-video आधारित fragmented learning की तुलना लंबे वीडियो से की गई। अध्ययन में short-video condition में memory recall performance कम पाया गया, हालांकि यह विशेष अध्ययन learning context पर केंद्रित था और इससे हर तरह के Reels use पर सीधा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

क्या Reels देखना पूरी तरह नुकसानदायक है?

ऐसा कहना सही नहीं होगा कि Reels देखने से हर व्यक्ति के दिमाग को स्थायी नुकसान होता है। उपलब्ध अध्ययनों में मुख्य रूप से संबंध (association) देखे गए हैं। कई शोधों में छोटे sample size या cross-sectional design जैसी सीमाएं भी हैं। इसलिए लंबे समय तक short-video consumption के प्रभावों को समझने के लिए और बेहतर longitudinal research की जरूरत है।

Reels की आदत कम करने के आसान तरीके

अगर आपको लगता है कि स्क्रॉल करते-करते समय का पता नहीं चलता, तो कुछ छोटे बदलाव किए जा सकते हैं:

  • मोबाइल में Daily Screen Time या App Limit सेट करें।
  • Reels और Shorts के अनावश्यक notifications बंद करें।
  • खाली समय में बिना उद्देश्य scrolling करने से बचें।
  • पढ़ाई या काम के दौरान फोन को दूर रखें।
  • सोने से पहले लंबे समय तक short videos देखने की आदत कम करें।

कुल मिलाकर, रिसर्च यह संकेत देती है कि बहुत ज्यादा या problematic short-video use का attention, self-control और cognitive processes से संबंध हो सकता है, लेकिन इसे सीधे स्थायी brain damage के रूप में पेश करना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।

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