सोशल संवाद / जमशेदपुर: लगातार हो रही बारिश और डैम के फाटक खोले जाने के बाद जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। खरकई नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से अब शहर के प्रमुख इलाकों पर भी इसका असर दिखने लगा है। बिष्टुपुर स्थित होटल अलकोर और रामादा होटल के सामने मुख्य सड़क तक खरकई नदी का पानी पहुंच गया है, जिससे इलाके में लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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चांडिल और बैंगविल डैम के फाटक खुलने से बढ़ा जलस्तर
जानकारी के अनुसार, चांडिल डैम के 13 फाटक और ओडिशा स्थित बैंगविल डैम के 2 फाटक खोले गए हैं। इसके बाद खरकई नदी में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
शुरुआत में नदी के किनारे और निचले इलाकों में पानी पहुंचा था। अब बाढ़ का पानी बिष्टुपुर के प्रमुख मार्ग तक पहुंचने लगा है। होटल अलकोर और रामादा होटल के सामने सड़क पर पानी फैलने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा खरकई नदी का जलस्तर
प्रशासन के अनुसार, आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का जलस्तर 129 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सड़क पर पानी पहुंचने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ भी देखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल स्थिति देखने के लिए भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
बागबेड़ा और मानगो में NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बागबेड़ा और मानगो के प्रभावित इलाकों में NDRF की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। टीमों द्वारा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां भी प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को नदी, पुल और तेज बहाव वाले पानी के करीब नहीं जाने की सलाह दी गई है।
अगर खरकई नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो जमशेदपुर के अन्य निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम और प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने तथा बिना जरूरी काम के प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की जरूरत है।









