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Jamshedpur Jail Security: घाघीडीह और साकची जेल की सुरक्षा होगी और सख्त, वॉच टावरों पर तैनात होंगे जैप जवान

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : जमशेदपुर में जेल सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जिले की प्रमुख जेलों घाघीडीह केंद्रीय कारा, साकची मंडल कारा और घाटशिला उपकारा की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में जेल परिसरों की मौजूदा स्थिति का आकलन करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। प्रशासन का मुख्य फोकस जेलों की सुरक्षा को और पुख्ता बनाना तथा कैदियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए जेलों में नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है।

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Watch Tower पर तैनात होंगे JAP जवान

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जमशेदपुर जेल सुरक्षा योजना के तहत वॉच टावरों पर जैप (Jharkhand Armed Police – JAP) बल की तैनाती की जाएगी। बाहरी सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। पुलिस विभाग को जैप मुख्यालय से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है ताकि जल्द से जल्द अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया जा सके।

यह व्यवस्था खासतौर पर घाघीडीह और साकची जेल के लिए प्राथमिकता पर लागू की जाएगी। इससे जेल परिसरों के आसपास निगरानी मजबूत होगी और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सकेगा।

CCTV Surveillance और लाइटिंग सिस्टम होगा अपग्रेड

जेल सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी काम शुरू किया गया है। सभी संवेदनशील स्थानों जेल सेल, अस्पताल, प्रवेश द्वार और बाहरी परिधि में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जेल परिसर में प्रकाश व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया गया है। बेहतर लाइटिंग से रात के समय निगरानी आसान होगी और सुरक्षा जोखिम कम होंगे।

पेयजल समस्या पर सख्त रुख

घाघीडीह जेल में कैदियों के लिए पेयजल की समस्या भी समीक्षा बैठक में प्रमुख मुद्दा रही। प्रशासन ने खराब पड़े चापाकलों की तुरंत मरम्मत कराने का आदेश दिया है। करीब 25 हैंडपंपों को दुरुस्त कर जल्द चालू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जाएगी और जेल प्रबंधन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी।

औचक निरीक्षण और नियमित पेट्रोलिंग

जेल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे केवल नियमित प्रक्रिया तक सीमित न रहें, बल्कि औचक निरीक्षण और लगातार पेट्रोलिंग को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाएं। इससे सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है जेल परिसरों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना। जमशेदपुर जेल सुरक्षा को लेकर उठाए गए ये कदम आने वाले समय में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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