Jamshedpur: तिलक पुस्तकालय में कथित हिंसा को कुलवंत सिंह बंटी ने बताया लोकतंत्र पर कलंक, निष्पक्ष जांच की मांग

By Riya Kumari

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Jamshedpur: तिलक पुस्तकालय में कथित हिंसा को कुलवंत सिंह बंटी ने बताया लोकतंत्र पर कलंक, निष्पक्ष जांच की मांग

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सोशल संवाद/जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय कांग्रेस कार्यालय में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान कथित पत्थरबाजी और लाठी से हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व खादी बोर्ड सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कुलवंत सिंह बंटी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं, महिला मोर्चा की महिलाओं और मीडिया कर्मियों पर कथित हमले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

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नवरात्र में महिला कार्यकर्ताओं पर हमले को बताया नारी सम्मान का अपमान

कुलवंत सिंह बंटी ने कहा कि नवरात्र में एक ओर मां दुर्गा की पूजा की जाती है, वहीं दूसरी ओर महिला कार्यकर्ताओं पर कथित पत्थरबाजी और लाठी से हमला होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में महिला कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की घटना नारी सम्मान और सुरक्षा के सिद्धांतों के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि नारी सम्मान केवल नारा नहीं, बल्कि संस्कार और संकल्प होना चाहिए। महिला शक्ति की पूजा तभी सार्थक है, जब समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं: बंटी

भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध विचारों और तर्कों के आधार पर होना चाहिए, न कि पत्थरों और लाठियों के सहारे। उन्होंने आरोप लगाया कि तिलक पुस्तकालय जैसी जगह पर हुई घटना ने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

उन्होंने मीडिया कर्मियों पर कथित हमले की भी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों को अपना काम करने के दौरान सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है और पत्रकारों पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

कांग्रेस से आचरण सुधारने की अपील

कुलवंत सिंह बंटी ने कांग्रेस के राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाते हुए पार्टी से अपने व्यवहार में सुधार करने की अपील की। उन्होंने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ व्यवहार का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक प्रदर्शन में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि तिलक पुस्तकालय की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

भाजपा नेता ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें हिंसा में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की मांग की।

नोट: घटना और हमले से संबंधित आरोप कुलवंत सिंह बंटी के बयान पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

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