सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के हजारीबाग में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एक बार फिर जमीन विवाद को लेकर चर्चा में हैं। शहर के हुरहुरू स्थित खासमहल की विवादित जमीन पर बने पुराने सरकारी भवन को रात में जेसीबी से तोड़े जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, हुरहुरू स्थित खासमहल की जमीन पर एक पुराना, खंडहरनुमा भवन मौजूद था। शनिवार की रात इस भवन को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर शिकायत की गई, जिसके आधार पर सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार और सदर एसडीपीओ रूपक कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
प्रशासन के मुताबिक, संबंधित जमीन पर सरकारी कार्यालय भी संचालित था। अंचलाधिकारी ने भवन तोड़े जाने को गलत बताया है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन से जुड़ा मामला झारखंड हाईकोर्ट में लंबित है और अदालत ने वहां किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं करने का निर्देश दिया है।
बेटे की शादी के लिए करा रहे थे साफ-सफाई: योगेंद्र साव
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने जमीन को अपनी बताते हुए कहा कि अगले महीने उनके बेटे की शादी है। इसी वजह से वह जमीन की साफ-सफाई करा रहे थे। उन्होंने प्रशासन पर उन्हें निशाना बनाने और परेशान करने का आरोप भी लगाया है।
हाईकोर्ट में लंबित है जमीन का विवाद
हुरहुरू की खासमहल जमीन को लेकर योगेंद्र साव और जिला प्रशासन के बीच पहले से विवाद चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि जमीन से संबंधित मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अदालत के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आवेदन मिलने पर मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पुराने भवन को तोड़े जाने के मामले में प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।










