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Jharkhand News: हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा Cold Storage, किसानों को मिलेगा फायदा

By Tamishree Mukherjee

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Jharkhand Cold Storage
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सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड सरकार राज्य में किसानों के उत्पादों के बेहतर भंडारण और मार्केटिंग की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी में है। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को विभागीय बैठक में कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में हर विधानसभा क्षेत्र में Cold Storage-कम-Marketing Center स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

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इस परियोजना के लिए DPR (Detailed Project Report) तैयार कराने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, अब तक प्राप्त डीपीआर से विभाग पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देशभर में बेहतर लॉजिस्टिक और कोल्ड-चेन सिस्टम विकसित करने वाली अग्रणी कंपनियों को भी कंसल्टेंसी के लिए आमंत्रित किया जाए।

आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार होगी योजना

कृषि मंत्री ने कहा कि परियोजना को केवल वर्तमान जरूरतों के हिसाब से नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए। इसके लिए विशेषज्ञ कंपनियों से तकनीकी सुझाव लेने और आधुनिक कोल्ड-चेन तकनीक को शामिल करने पर जोर दिया गया है।

राज्य के करीब 20 जिलों में 5,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज पहले से बनाए गए हैं। हालांकि, कई स्थानों पर तकनीकी क्षमता पर्याप्त नहीं होने के कारण इनके संचालन में FPO, सहकारी समितियों और थर्ड पार्टी ऑपरेटरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार की नई योजना का उद्देश्य इन समस्याओं को दूर करते हुए किसानों को भंडारण, लॉजिस्टिक और मार्केटिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।

सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगा रागी का पौष्टिक आहार

बैठक में सिद्धकोफेड की ओर से प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए रागी यानी मड़ुवा के आटे की आपूर्ति के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। फिलहाल इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत रांची, खूंटी और सरायकेला-खरसावां जिलों को शामिल किया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के साथ आवश्यक पत्राचार भी किया गया है।

मंत्री ने कहा कि मड़ुवा को स्कूलों के भोजन से जोड़ने की पहल से किसानों और विद्यार्थियों दोनों को लाभ मिलेगा। इससे एक तरफ स्थानीय किसानों के मड़ुवा उत्पादन को बाजार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

लाह उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी

बैठक में झास्कोलैम्प्स द्वारा प्रस्तावित लाह पोषक समृद्धि योजना पर भी चर्चा हुई। योजना के तहत लाभुक किसानों को लाह उत्पादन के लिए उपयोगी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके तहत 400 सीमियालता, 5 कुसुम, 5 बेर और 20 कैलियेंड्रा या कैलोथायरस के पौधे देने का प्रावधान है। ये पौधे लाह उत्पादन के लिए उपयोगी माने जाते हैं। योजना के तहत करीब 20 डिसमिल भूमि पर एकीकृत खेती को बढ़ावा देने की योजना है। इससे किसान लाह उत्पादन के साथ अन्य कृषि गतिविधियों को भी जोड़ सकेंगे और अपनी आय के स्रोतों को मजबूत कर सकेंगे।

किसानों के लिए तीन बड़े फोकस

झारखंड सरकार की इन पहलों में कोल्ड स्टोरेज और मार्केटिंग, मड़ुवा की खरीद और स्कूलों में आपूर्ति, तथा लाह उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे कृषि उत्पादों के लिए बाजार मजबूत होने के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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