सोशल संवाद / झारखण्ड : झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी उपायुक्तों को विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए संक्रमण की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभाव से व्यापक अभियान चलाने को कहा है।

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अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि बारिश के कारण जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाए और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर नष्ट किया जाए।
जलभराव और साफ पानी वाले स्थानों पर विशेष निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डेंगू और चिकनगुनिया एडीज (Aedes) मादा मच्छर के काटने से फैलने वाले वायरल रोग हैं। यह मच्छर साफ और रुके हुए पानी में तेजी से पनपता है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि घर और आसपास रखे कूलर, पानी की टंकियां, पुराने टायर, प्लास्टिक की बोतलें, गमले और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। ऐसे स्थानों की नियमित सफाई और जल निकासी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
घर-घर चलेगा वेक्टर सर्विलांस अभियान
राज्य सरकार ने नगर निगम, नगर परिषद, स्थानीय प्रशासन, एमपीडब्ल्यू (MPW), सहिया और सामुदायिक स्वयंसेवकों के सहयोग से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की पहचान करेंगे और उन्हें नष्ट करेंगे। इसके लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों को अपनी कार्ययोजना तैयार कर राज्य मुख्यालय भेजने को कहा गया है।
बुखार होने पर तुरंत कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि बुखार, शरीर दर्द, सिरदर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
इसके साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि:
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर और पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करें।
- पानी की टंकियों को हमेशा ढककर रखें।
- मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें।
संयुक्त प्रयास से ही होगा प्रभावी नियंत्रण
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है, जब प्रशासन और आम जनता मिलकर रोकथाम के उपायों का पालन करें। मानसून के दौरान थोड़ी-सी सावधानी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका साबित हो सकती है।










