सोशल संवाद/डेस्क : रांची स्थित Jharkhand High Court ने 14वीं सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े आयु सीमा विवाद पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आयु छूट की मांग करने वाले 264 अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत प्रदान की है। साथ ही Jharkhand Public Service Commission (जेपीएससी) को निर्देश दिया है कि याचिका दायर करने वाले सभी उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएं।

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हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम अंतिम न्यायिक निर्णय के अधीन रहेगा। यानी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है, लेकिन उनकी नियुक्ति और परिणाम पर अंतिम फैसला कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद ही लागू होगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला झारखंड सिविल सेवा परीक्षा की आयु सीमा से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि 2021 की नियुक्ति नियमावली के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा हर वर्ष आयोजित होनी चाहिए। लेकिन आयोग द्वारा नियमित रूप से परीक्षा नहीं कराए जाने के कारण कई उम्मीदवार अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं।
अभ्यर्थियों ने अदालत को बताया कि पिछली दो परीक्षाओं में आयु सीमा में छूट दी गई थी। इस बार अधिकतम आयु की गणना 1 अगस्त 2026 को आधार मानकर की गई है, जिससे अनेक उम्मीदवार पात्रता से बाहर हो गए। इसी आधार पर उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल की थी।
अदालत का रुख
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह माना कि परीक्षा आयोजित करने में देरी का प्रभाव अभ्यर्थियों पर पड़ा है। इसी को देखते हुए अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए आयोग को निर्देश दिया कि सभी याचिकाकर्ताओं के आवेदन स्वीकार किए जाएं। कोर्ट के निर्देश के बाद आयोग ने संबंधित अभ्यर्थियों के लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन लिंक उपलब्ध कराया है, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकें।
103 पदों पर होगी नियुक्ति
उल्लेखनीय है कि 14वीं झारखंड सिविल सेवा परीक्षा के लिए हाल ही में विज्ञापन जारी किया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 103 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। इनमें उप समाहर्ता, पुलिस उपाधीक्षक, राज्य जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, प्रोबेशन पदाधिकारी, सहायक निदेशक (महिला एवं बाल विकास), काराधीक्षक, जिला समादेष्टा और सहायक निबंधक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 31 जनवरी से शुरू हो चुकी है, जबकि अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित की गई थी। परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 21 फरवरी शाम 5 बजे तक तय की गई है।
अभ्यर्थियों को मिली राहत
इस फैसले से उन उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है, जो परीक्षा आयोजित न होने की वजह से आयु सीमा पार कर चुके थे। अब वे अंतरिम आदेश के तहत परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। फिलहाल, अंतिम निर्णय आना बाकी है। लेकिन झारखंड हाईकोर्ट के इस आदेश ने सिविल सेवा अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद की नई किरण जगा दी है। आने वाले समय में इस मामले पर कोर्ट का अंतिम फैसला भर्ती प्रक्रिया की दिशा तय करेगा।










