सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड में फल, फूल और टिश्यू कल्चर पौधों की गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उद्यान निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने पौधों की आपूर्ति के लिए 13 नर्सरियों और एजेंसियों को चिह्नित किया है। इन्हें एल-वन दर पर सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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उद्यान निदेशक ने संबंधित नर्सरियों और एजेंसियों से सहमति पत्र (Consent Letter) मांगा है। इसके बाद फलदार और फूलदार पौधों की आपूर्ति के लिए निर्धारित दरों पर एग्रीमेंट किया जाएगा। इससे किसानों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे तय दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
आम के पौधों की एल-वन दर क्या है?
उद्यान निदेशालय की ओर से आम की अलग-अलग किस्मों के पौधों के लिए 69 से 80 रुपये तक की एल-वन दर तय की गई है।
- मालदा और बंबई — 80 रुपये
- हिमसागर, कृष्णभोग और रत्नागिरी — 79 रुपये
- दशहरी, मल्लिका, लंगड़ा और गुलाब खास — 78 रुपये
- आम्रपाली — 78 रुपये
- चौसा — 79 रुपये
नींबू और सिट्रस पौधों की कीमत
नींबू और सिट्रस की विभिन्न किस्मों के पौधों की एल-वन दर लगभग 60.50 से 64 रुपये के बीच है। इसमें कागजी नींबू, नेपाली राउंड, कागजी खट्टा और गोंदराज जैसी किस्में शामिल हैं। वहीं, अमरूद के पौधों की दर 65 से 68 रुपये और लीची के पौधों की दर 69 से 73 रुपये के बीच निर्धारित की गई है।
केला, अनानास और स्ट्रॉबेरी के पौधों की दर
टिश्यू कल्चर पौधों की बात करें तो केले के पौधों की दर 21.90 रुपये तय की गई है। इसके अलावा अनानास के पौधे 36 रुपये और स्ट्रॉबेरी के पौधे 20 रुपये की दर पर सूचीबद्ध किए जाने हैं। इसके साथ ही सपोटा, आंवला, ड्रैगन फ्रूट और जरबेरा समेत अन्य फल एवं फूल वाले पौधों की दर भी निर्धारित की गई है।
किन 13 नर्सरियों और एजेंसियों को किया गया चिह्नित?
उद्यान निदेशालय ने जिन 13 नर्सरियों और एजेंसियों से सहमति पत्र मांगा है, उनमें शामिल हैं:
- आदित्य हाई एंड टेक नर्सरी
- बालाजी एग्रो सीड्स इंटरप्राइजेज
- देबिक बायोटेक प्रा. लिमिटेड
- एवरग्रीन नर्सरी
- ग्रीन गार्डेन इंटरप्राइजेज
- ग्रीन गार्डेन लैंडस्केप एंड हॉर्टिकल्चर प्रा. लिमिटेड
- फल उद्योग नर्सरी
- प्लांट वैली नर्सरी
- प्रकाश सीड्स एंड नर्सरी
- राजमहल नर्सरी
- शशांका एग्रो टेक प्रा. लिमिटेड
- शक्ति नर्सरी
- वृंदावन नर्सरी
Dragon Fruit के पौधों के लिए फल उद्योग को ऑफर
ड्रैगन फ्रूट की खेती को लेकर भी उद्यान निदेशालय ने अलग व्यवस्था प्रस्तावित की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूरे झारखंड में ड्रैगन फ्रूट के पौधों की आपूर्ति के लिए फल उद्योग नर्सरी को सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद किसानों को ड्रैगन फ्रूट समेत कई फलदार और फूलदार पौधों की उपलब्धता में सुविधा मिल सकती है।
किसानों के लिए क्या होगा फायदा?
उद्यान निदेशालय की इस पहल का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधा सामग्री उपलब्ध कराना और पौधों की दरों में एकरूपता लाना है। एल-वन दर पर एजेंसियों को सूचीबद्ध किए जाने से किसानों को निर्धारित दर पर पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई जा सकेगी।
Jharkhand Horticulture News: अब आगे संबंधित नर्सरियों की सहमति और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद पौधों की आपूर्ति और एग्रीमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।











