Responsive Full Width Slider

Jharkhand: MMDR Bill 2026 को लेकर जयराम महतो ने PM मोदी को लिखा पत्र, खनिज सेस जारी रखने की मांग

By Sharia Nasrah

Published :

Follow
Jharkhand: MMDR Bill 2026 को लेकर जयराम महतो ने PM मोदी को लिखा पत्र, खनिज सेस जारी रखने की मांग

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस बिल पर दोबारा विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है।

यह भी पढ़े : दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को CM रेखा गुप्ता ने बताया ‘विकसित दिल्ली’ का रोडमैप

जयराम महतो ने पत्र में झारखंड के खनिज संसाधनों, राज्य के राजस्व अधिकार और खनन प्रभावित लोगों के हितों का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था की अहम आधारशिला है, इसलिए इससे मिलने वाले राजस्व पर राज्य के अधिकार को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

महतो ने खास तौर पर खनिज-आधारित भूमि पर लगाए जाने वाले सेस को जारी रखने की मांग की। उन्होंने झारखंड मिनरल बियरिंग लैंड सेस रूल्स, 2024 का हवाला देते हुए दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सेस से करीब 13,800 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच करीब 4,400 करोड़ रुपये सेस के रूप में प्राप्त हुए हैं।

जयराम महतो ने आशंका जताई कि अगर राज्य के सेस पर रोक लगती है तो झारखंड की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है और विकास एवं जनकल्याण की योजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

उन्होंने खनन के कारण होने वाले विस्थापन, पलायन और प्रदूषण का भी मुद्दा उठाया। महतो के मुताबिक, खनन परियोजनाओं के लिए झारखंड के रैयतों ने बड़ी मात्रा में जमीन दी है, इसलिए राज्य की खनिज संपदा से जुड़े फैसलों में स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

हालांकि, केंद्र सरकार का पक्ष अलग है। खनन मंत्रालय के अनुसार MMDR संशोधन विधेयक से राज्यों के जमीन और खनिज अधिकार या राज्यों द्वारा वसूले जाने वाले मौजूदा खनिज कर खत्म नहीं होंगे। सरकार का कहना है कि खनन से जुड़े कुल टैक्स और वैधानिक भुगतानों में करीब 90 फीसदी हिस्सा राज्यों को मिलता है और यह व्यवस्था जारी रहेगी।

जयराम महतो ने प्रधानमंत्री से झारखंड की आर्थिक स्थिति और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकार को ध्यान में रखते हुए विधेयक पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---