Jharkhand News: लातेहार में आदिवासी महिला से मारपीट का आरोप, CM हेमंत सोरेन ने दिए जांच के आदेश

By Riya Kumari

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Jharkhand News: लातेहार में आदिवासी महिला से मारपीट का आरोप, CM हेमंत सोरेन ने दिए जांच के आदेश

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सोशल संवाद / डेस्क: झारखंड के लातेहार जिले में एक आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। हेरंज गांव की रहने वाली पुनिया देवी ने पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लेते हुए लातेहार पुलिस को जांच करने और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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बकरी चराने के दौरान महिला से मारपीट का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 5 अक्टूबर 2026 की है। झारखंड जनाधिकार महासभा की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पुनिया देवी बकरी चरा रही थीं। इसी दौरान बरियातू थाना के प्रभारी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों के सादे कपड़ों में वहां पहुंचने का आरोप है।

महिला के अनुसार, इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि रास्ते में भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उन्हें थाने ले जाया गया।

थाने में प्रताड़ित करने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप

मामले में आरोप लगाया गया है कि थाने में महिला को कथित तौर पर उल्टा लटकाकर पीटा गया और जातिसूचक गालियां दी गईं। जानकारी के मुताबिक, उन्हें अगले दिन रात में छोड़ा गया।

घटना को लेकर आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

CM हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान

मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार पुलिस को तत्काल संज्ञान लेने, जांच करने और उचित कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को अस्वीकार्य बताया।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग

आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग उठाई गई है।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से संबंधित तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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