सोशल संवाद / रांची: अगर आप झारखंड के किसी शहर में जमीन या मकान खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। झारखंड सरकार का नगर विकास एवं आवास विभाग ‘झारखंड नगरपालिका भूमि, भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली, 2025’ लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए विभाग ने नियमावली का मसौदा (ड्राफ्ट) जारी कर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
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नगर विकास विभाग के अवर सचिव अतुल कुमार के अनुसार, नए नियम लागू होने के बाद नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में संपत्ति के हस्तांतरण (Property Transfer) पर लगने वाले अधिभार (Surcharge) की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा।
10 दिनों के भीतर दें सुझाव या आपत्ति
सरकार ने नियम लागू करने से पहले आम नागरिकों को अपनी राय रखने का अवसर दिया है। यदि किसी व्यक्ति को नियमावली के किसी प्रावधान पर आपत्ति है या वह कोई संशोधन सुझाना चाहता है, तो वह 10 दिनों के भीतर विभाग को लिखित रूप में अपना सुझाव भेज सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों या आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ी हलचल
नए नियम के मसौदे के सामने आने के बाद रियल एस्टेट बाजार में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम के लागू होने से नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आय में बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, इसका असर जमीन और मकान खरीदने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि संपत्ति हस्तांतरण के दौरान लगने वाले अधिभार में बदलाव होने की संभावना है। यदि अधिभार बढ़ता है, तो खरीदारों को पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।
क्या होगा फायदा?
सरकार का उद्देश्य संपत्ति हस्तांतरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। साथ ही नगर निकायों के राजस्व में वृद्धि कर शहरी विकास कार्यों को गति देना भी इस नियम का प्रमुख उद्देश्य माना जा रहा है।
फिलहाल यह नियम मसौदा चरण में है और अंतिम फैसला लोगों से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।









