सोशल संवाद /रांची : श्रावणी मेला 2026 में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए झारखंड सरकार द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है. झारखंड में प्रवेश करते ही लोगों को कांवरियों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और उपचार मिले, इसके लिए हर कांवरिया पथ में हर पांच किलोमीटर पर अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाये जायेंगे. स्वास्थ्य विभाग ने 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले मेले के लिए जिलों से 200 से ज्यादा चिकित्सकों को अस्थाई रूप से पदस्थापित करने पर विचार कर रहा है.
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डॉक्टरों के 80-80 के बैच का दो शिफ्ट में देवघर में तैनाती की जायेगी. वासुकिनाथ में भी डॉक्टरों की होगी तैनाती दुमका के वासुकिनाथ में 20 20 चिकित्सकों का शिफ्ट होगा. वहीं, बड़ी संख्या में पैरामेडिकल स्टॉफ की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) के नेतृत्व में एमपीडब्ल्यू स्टॉफ की भी प्रतिनियुक्ति के लिए निदेशक प्रमुख
स्वास्थ्य सेवा डॉ सिद्धार्थ सान्याल की ओर से फाइल आगे बढ़ायी गयी है. कावंरिया पथ पर विशेष स्वास्थ्य शिविर स्थापित किये गये हैं. इन शिविरों में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जायेंगी.
24 घंटे कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं को मिलेगी डॉक्टरी सेवा
स्थानीय जिलों के उपायुक्त और सिविल सर्जन के निर्देश पर काम व करेंगे, ताकि मुख्य राजमार्गों से इतर ब सुदूरवर्ती रूटों पर भी शिवभक्तों को क मरहम-पट्टी के साथ ही आकस्मिक रूप से कांवरियों को 24 घंटे तत्काल क इलाज मिल सके.
20 जुलाई की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री होंगे शामिल
देवघर जिला परिसदन सभागार कक्ष में श्रावणी मेला, 2026 के सफल आयोजन म को लेकर 20 जुलाई यानि सोमवार को बैठक होगी. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ ल इरफान अंसारी भी शामिल होंगे. संयुक्त स सचिव ललित मोहन शुक्ला ने उपायुक्त देवघर और संताल परगना के क्षेत्रीय उपक निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा है. इसमें विभाग से संबंधित तैयारियों पर स विस्तृत समीक्षा की जायेगी.









