सोशल संवाद / डेस्क : गणेश पूजा से लेकर करमा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ तक राज्यभर में पूजा पंडालों और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान पंडालों में आकर्षक विद्युत सजावट भी की जाती है। लेकिन बिजली के तार, लाइट और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल में लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है।
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इसी को देखते हुए ऊर्जा विभाग के विद्युत निरीक्षणालय, रांची ने राज्य की पूजा समितियों और आयोजकों के लिए विशेष विद्युत सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंडालों में अस्थायी विद्युतीकरण निर्धारित मानकों और भारतीय विद्युत नियमावली के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।
हर पूजा पंडाल में दो अर्थिंग जरूरी
विद्युत निरीक्षणालय के निर्देश के अनुसार प्रत्येक पूजा पंडाल में कम से कम दो अर्थिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी। पंडाल में इस्तेमाल होने वाले विद्युत उपकरणों के साथ धातु से बनी संरचनाओं को भी उचित तरीके से अर्थिंग से जोड़ना होगा।
विद्युत नियंत्रण कक्ष और पैनल को भीड़भाड़ वाली जगह से अलग सुरक्षित स्थान पर लगाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही वहां विद्युतकर्मियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने और नियंत्रण कक्ष के बाहर जरूरी सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया है।
बिजली के लोड के हिसाब से ही तार का इस्तेमाल
विभाग ने पूजा समितियों को विद्युत लोड के अनुसार सही साइज के तार का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। अंडरसाइज तार का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा।
जनरेटर की स्थापना भी निर्धारित नियमों के अनुसार करनी होगी। उसकी क्षमता के अनुरूप मेन स्विच और चेंजओवर स्विच लगाने होंगे। इसके अलावा ट्रांसफार्मर और एबी स्विच के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत दी गई है।
थ्री-पिन प्लग और सुरक्षित वायरिंग जरूरी
विद्युत निरीक्षणालय ने थ्री-पिन प्लग और सॉकेट का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। बच्चों को स्विच बोर्ड, खुले तार और विद्युत उपकरणों से दूर रखने के लिए भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। कटे-फटे या खराब तारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। तारों के जोड़ को अच्छी तरह इंसुलेटिंग टेप से कवर करना होगा। कट-आउट और फ्यूज में निर्धारित साइज के फ्यूज वायर का ही इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
बिजली की ओवरहेड लाइन से सुरक्षित दूरी जरूरी
पूजा पंडाल और उसके प्रवेश द्वार को ओवरहेड बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी पर रखने का निर्देश दिया गया है। अगर सड़क के ऊपर से बिजली का तार ले जाना जरूरी हो तो उसे उचित ऊंचाई पर सुरक्षित तरीके से स्थापित करना होगा, ताकि वाहनों के आवागमन में परेशानी न हो। विभाग ने जहां संभव हो, रोड क्रॉसिंग के लिए भूमिगत केबल के इस्तेमाल की सलाह दी है।
कंट्रोल रूम में ये सामान रखना अनिवार्य
पूजा पंडाल के विद्युत नियंत्रण कक्ष में सुरक्षा से जुड़े जरूरी सामान उपलब्ध रखना होगा। इनमें शामिल हैं:
- रबर मैट
- अग्निशामक यंत्र
- सूखी बालू से भरी बाल्टी
- विद्युत शॉक ट्रीटमेंट चार्ट
- प्राथमिक उपचार बॉक्स
- खतरे की मानक तख्ती
- रबर हैंड ग्लव्स
इन सामानों को आपात स्थिति में तत्काल इस्तेमाल के लिए तैयार रखना होगा।
लाइसेंसधारी ठेकेदार से ही कराएं विद्युतीकरण
विद्युत निरीक्षणालय ने स्पष्ट किया है कि पूजा पंडालों में बिजली का काम लाइसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से ही कराया जाए। पूजा अवधि के दौरान पंडाल में अधिकृत विद्युत पर्यवेक्षक की मौजूदगी भी सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा विद्युत कार्य में केवल ISI मार्क वाले विद्युत उपकरण और सामग्री का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। पंडाल परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार रखने की भी सलाह दी गई है।
स्वीकृत विद्युत भार के बाद ही करें सजावट
विभाग ने पूजा समितियों और आयोजकों को निर्देश दिया है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) से विद्युत भार की स्वीकृति मिलने के बाद ही पंडाल में विद्युतीकरण और विद्युत सजावट का काम शुरू किया जाए।
विद्युत निरीक्षणालय ने सभी पूजा समितियों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान बिजली का इस्तेमाल पूरी सावधानी और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार करें, ताकि पूजा के दौरान किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति पैदा न हो।










